महोगनी के इन पेड़ों को लगा कर बन सकते है करोड़पति..करनाल के ये किसान कमा रहे बेहतरीन आमदनी

हरियाणा,11 जनवरी –भारत में ज़्यादातर ग्रामीण परिवार अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं।भारत में 82 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत हैं।भारत एक कृषि प्रधान देश है जिसमे सबसे ज्यादा गेहूं, चावल, दालें, गन्ना, और कपास जैसी फ़सलें उगाई जाती हैं,लेकिन फिर भी किसानों की हालत माली रहती है। क्योंकि हर साल किसानों को बाढ़, सूखा या फसल बीमारी का सामना करना ही पड़ता है जिसके चलते किसान हमेशा परेशान रहता है.किसानों की आमदन के लिए खेती के बहुत ऐसे तरीके भी हैं, जिनकी मदद से लाखों-करोड़ों रुपये कमा सकते हैं। सरकारी बागवानी संस्थाओं के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को आधुनिक खेती की ओर अग्रसर करने के लिए निशुल्क प्रशिक्षण दिए जा रहे है।
महोगनी खेती एक बिजनेस आइडिया:
आज हम बात कर रहे है महोगनी की खेती की जो आज के समय मे एक बिज़ेनस आइडिया है। इस पेड़ को लगाकर करोड़पति बना जा सकता है। अगर एक एकड़ जमीन में महोगनी के 100 से ज्यादा पेड़ लगाते हैं तो आप महज 12 -15 साल में करोड़पति बन सकते है।  एक बीघा में इसे लगाने की लागत 40-50 हजार रुपये आती है। महोगनी का एक पेड़ 50 से 80 हज़ार का बिकता है। ऐसे में आप अपने खेत में बड़े स्तर पर इसकी खेती कर करोड़ रुपये कमा सकते हैं। न सिर्फ इसकी कीमत ज्यादा है, बल्कि इस पेड़ में औषधीय गुण भी हैं और इसकी लकड़ी कई मायनों में गुणों से परिपूर्ण है। इसकी छाल,पत्ते,बीज ,पूरा पेड़ ही गुणकारी है।
महोगनी का पेड़ क्या है:
महोगनी की लकड़ी मजबूत और काफी लंबे समय तक उपयोग में लाई जाने वाली लकड़ी होती है। यह लकड़ी कभी भी खराब नही होती है। महोगनी की लकड़ी बाजार में काफी महंगी मिलती है। यह लकड़ी लाल और भूरे रंग की होती है। इस पर पानी का भी कोई असर नहीं पड़ता। यह पेड़ 50 डिग्री सेल्सियस तक तापमान को सहने की क्षमता रखता है और जल न भी हो तब भी यह लगातार बढ़ता ही जाता है।
कैसे काम आती है महोगनी की लकड़ी?
महोगनी की लकड़ी फर्नीचर और बंदूक का बट बनाने के काम आती है। इसके अलावा इससे नाव भी बनाई जाती है। मेडिकल के लिए भी यह काफी बेशकीमती माना जाता है। इसके पत्तों का उपयोग मुख्य रूप से कैंसर, ब्लडप्रेशर, अस्थमा, सर्दी और मधुमेह सहित कई प्रकार के रोगों में होता है। इसके अलावा इसकी पत्तियों और बीज के तेल का इस्तेमाल मच्छर मारने वाली दवाइयों और कीटनाशक को बनाने में किया जाता है। इसके तेल का उपयोग कर साबुन, पेंट, वार्निस और कई तरह की दवाइयों को बनाया जाता है।
लगाने का तरीका :
2 फुट चौड़ा,गहरा व लम्बा गड्डा खोद कर उसमें ऑर्गेनिक खाद डाल कर पौधे लगाए दो। यह एक बहुत ही कड़वा पौधा होता है।इस पौधे में कोई भी बीमारी या कीड़ा नही लगता।जसकी देखभाल बहुत ही कम होती है। बीच मे उगने वाली घास आदि को हटाना होता है।
महोगनी की कीमत :
महोगनी का पौधा पांच वर्षों में एक बार बीज देता है। इसके एक पौधे से पांच किलों तक बीज प्राप्त किए जा सकते है। इसके बीज की कीमत काफी ज्यादा होती है और यह एक हजार रुपये प्रतिकिलो तक बिकते है। वहीं, इसकी लकड़ी होलसेल में कम से कम दो हजार से 2500 रुपये प्रति घन फीट बिकती है।
महोगनी के हजारों पेड़ लगाकर करोड़ों कमाने की ओर अग्रसर:
2 वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए करनाल के किसान परिवार से जुड़े शिक्षक शिव चन्द्र कौशिक ने बताया कि उनके पिता जी ही उनके प्रेरणा स्रोत है उनकी बजह से मैं एग्रो फोर्सटी में आया तो मैंने महोगनी के पौधे लगाए। महोगनी के पेड़ लगाकर करोड़ों की कमाई की जा सकती है। मोहगनी की लकड़ी बहुत ज्यादा ठंडे तामपान वाले देशों में एक्सपोर्ट होती है। इससे लकड़ी के घरो में बनाये जाने लकड़ी के फर्श में इसी की लकड़ी का प्रयोग होता है। बड़े बड़े होटलों में इसके दरवाजे बनते है। उहोने बताया कि 6 एकड़ में उन्होंने 3 हजार पौधे मोहगनी के लगाए है,प्रति पौधा लगाने में 200 रुपये की लागत आई है।इसके अलावा पौधों की रखा के लिए ऑर्गेनिक खाद का प्रयोग करते है। एक पौधा जब 12 से 15 साल में पेड़ बनता है तो एक पेड़ की लकड़ी 80 से 1 लाख रुपये में बिक जाती है। ऐसे में मोहगनी की खेती से काफी अच्छी कमाई की जा सकती है। शिव चन्द्र ने बताया कि मोहगनी की खेती के साथ मैने बहुउद्देशीय खेती भी की है जिसका मुझे अलग से लाभ मिल रहा है।

Ekta TSN

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