शिमला, संजू-:शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ चलाया जा रहा विशेष अभियान लगातार असर दिखा रहा है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए इसके मुख्य सरगना को पंजाब से गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इस वर्ष एनडीपीएस एक्ट के तहत 56 मुकदमे दर्ज कर 111 आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
जिला शिमला के एएसपी अभिषेक ने जानकारी देते हुए बताया कि रोहड़ू में दर्ज मुकदमा नंबर 5/26 के तहत पुलिस टीम ने मेहंदली पुल के पास दो युवकों को 83 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़ा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह के रूप में हुई, जो पंजाब के निवासी हैं। प्रारंभिक पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस ने सप्लाई चेन की कड़ियों को जोड़ते हुए मामले में चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।इनमें आशीष चौहान (24) निवासी खशधार चिड़गांव, नवीन शिट्टा (31) निवासी गोक्सवारी चिड़गांव, दीवान चंद (39) निवासी सुंधा चिड़गांव और विजेंद्र सिंह उर्फ छोटू (35) निवासी सुंधा भौंडा, तहसील चिड़गांव शामिल हैं। पुलिस के अनुसार विजेंद्र सिंह इस नेटवर्क का प्रमुख स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर था, जो क्षेत्र में चिट्टा की सप्लाई करता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वित्तीय लेन-देन और डिजिटल संचार की गहन जांच शुरू की। जशनदीप सिंह के बैंक खातों की पड़ताल में पिछले चार महीनों में करीब 18 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की।जांच में सामने आया कि जशनदीप स्थानीय संपर्कों और मुख्य सप्लायर से व्हाट्सएप के माध्यम से जुड़ा हुआ था। मुख्य सप्लायर द्वारा वर्चुअल व्हाट्सएप नंबर का उपयोग कर नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, ताकि पहचान छिपाई जा सके। बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल चैट के आधार पर पुलिस ने बैकवर्ड लिंक खंगाले और आखिरकार नेटवर्क के मुख्य सरगना तक पहुंच बनाई।
जांच के दौरान हरदीप सिंह पुत्र सुरजीत सिंह निवासी फिरोजपुर शकूर, जिला फिरोजपुर (पंजाब) को मुख्य संचालक के रूप में चिन्हित किया गया। शिमला पुलिस की टीम ने फिरोजपुर पुलिस के सहयोग से उसे उसके गृह जिले से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार हरदीप सिंह पिछले सात महीनों में करीब 28 लाख रुपये के लेन-देन में संलिप्त पाया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि कई लोगों ने चिट्टा खरीदने के लिए सीधे उसके खाते में पैसे ट्रांसफर किए थे।फिलहाल पुलिस संबंधित व्यक्तियों के रिकॉर्ड जुटा रही है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
