चंडीगढ़, 27 फरवरी-:हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण प्रदेश की विकास यात्रा, सुशासन और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तथ्यों के बजाय राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान है, लेकिन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यवस्था को पारदर्शी बनाया है और पात्र लोगों तक लाभ सुनिश्चित किया है।वृद्धावस्था पेंशन के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी की पेंशन बंद नहीं कर रही, बल्कि पात्रता की जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है। आय सीमा बढ़ाने और पेंशन राशि में वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने बुजुर्गों के सम्मान को प्राथमिकता दी है।धान खरीद में कथित घोटाले के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीद प्रक्रिया भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप और डिजिटल प्रणाली से संचालित हो रही है। गड़बड़ियों की शिकायतों पर जांच, एफआईआर और निलंबन जैसी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल के माध्यम से फसल पंजीकरण, सत्यापन और सीधे बैंक खातों में भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाए गए हैं। विदेश में रोजगार चाहने वाले युवाओं के लिए ‘विदेश सहयोग विभाग’ और हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से वैध और सुरक्षित प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अवैध एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार किसान, बुजुर्ग और युवा—तीनों वर्गों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और पारदर्शिता व जवाबदेही के सिद्धांत पर कार्य कर रही है।
