शिमला,संजू-:दिल्ली में वोट चोरी के आरोपों को लेकर हुए प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता ने भी भागीदारी की।उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान लोगों में जबरदस्त उत्साह और जोश देखने को मिला।उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर जनता की चिंता अब आंदोलन का रूप ले रही है और लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं।नरेश चौहान ने आरोप लगाया कि देश की संस्थाओं को नियंत्रित कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है और किसी भी तरह की तानाशाही स्वीकार नहीं की जा सकती।उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जनता ने आंदोलन की कमान अपने हाथों में ले ली है।चौहान ने चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के स्थान पर बैलेट पेपर का इस्तेमाल करने की मांग भी उठाई।
SIR की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चौहान ने कहा कि इसमें निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।उनका कहना था कि चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
आरोपों की जांच में सहयोग की बात
कांग्रेस सांसद और जेएनयू के प्रोफेसर से जुड़े मामले पर भाजपा के विरोध प्रदर्शन को लेकर चौहान ने कहा कि यदि मामले की जांच चल रही है,तो किसी को भी इससे परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी को बचाने का प्रयास नहीं कर रही है।उनके मुताबिक,यदि कोई दोषी पाया जाता है,तो उसे अपने कृत्य के परिणाम भुगतने होंगे।चौहान ने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उसकी विचारधारा से जुड़े नेताओं पर भी पहले गंभीर आरोप लग चुके हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस मामले को राजनीतिक रूप दिया जा रहा है।
भाजपा विधायक के व्यवहार पर जताई नाराजगी
भाजपा विधायक विक्रम ठाकुर पर पुतला दहन प्रदर्शन के दौरान कथित अभद्र व्यवहार करने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को अपने व्यवहार और भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
