हमीरपुर,अरविंद-:डॉ.राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल हमीरपुर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र के साथ कथित रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना का मामला सामने आया है।इस मामले में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के आधा दर्जन से अधिक छात्र जांच के दायरे में हैं।शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है।एंटी रैगिंग कमेटी ने संदिग्ध छात्रों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं।जानकारी के अनुसार,शिकायतकर्ता छात्र बाहरी राज्य का रहने वाला है।आरोप है कि कुछ सीनियर छात्रों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे मानसिक रूप से परेशान किया। इससे आहत होकर छात्र ने ई-मेल के माध्यम से कॉलेज के प्रिंसिपल एवं एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में सीनियर छात्रों के व्यवहार से संबंधित कई बातें उठाई गई हैं।
शिकायत सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया और एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई।बैठक में मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।इसके बाद संदेह के घेरे में आए छात्रों को एक-एक कर कमेटी के समक्ष बुलाया गया।बंद कमरे में उनसे पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए। कमेटी मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है,ताकि शिकायत की वास्तविकता स्पष्ट हो सके।
आंखों में आंखें डालने और नाम पुकारने के तरीके पर भी शिकायत
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रमेश भारती ने बताया कि गत सुबह प्राध्यापक मोनिका ने उन्हें एक ई-मेल प्राप्त होने की जानकारी दी थी।ई-मेल में एक छात्र ने अपने साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत की थी।डॉ.भारती के अनुसार,शिकायत में सीनियर छात्रों द्वारा आंखों में आंखें डालकर न देखने और नाम पुकारने के तरीके सहित कुछ व्यवहारों का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई है।संदेह के दायरे में आए छात्रों से पूछताछ की गई है और उनके बयान दर्ज किए गए हैं।एंटी रैगिंग कमेटी पूरे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच कर रही है।प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।यदि कोई छात्र दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
