Shimla,1July-शिमला के भट्टाकुफर क्षेत्र में फोरलेन निर्माण के कारण हुई भारी क्षति के बाद मंगलवार को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।हादसे में एक पांच मंजिला इमारत पूरी तरह ढह गई है,जबकि आसपास के कई अन्य भवन भी खतरे की जद में हैं।
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही पर चिंता जताई।उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान 90 डिग्री की वर्टिकल कटिंग जैसी खतरनाक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है,जो भविष्य में और भी बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं।उन्होंने यह भी बताया कि फोरलेन निर्माण में तय तकनीकी मापदंडों की अनदेखी की जा रही है। कई स्थानों पर सीमाओं से बाहर जाकर खुदाई की गई है और मलबे को भी तय मानकों से अधिक डंप किया जा रहा है,जिससे पर्यावरण और स्थानीय लोगों को गंभीर नुकसान हो रहा है।
मंत्री ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से बात की है और इस विषय को उनके समक्ष उठाया गया है।गडकरी ने मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया है।इसके साथ ही, मुख्यमंत्री से आग्रह किया जाएगा कि एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए, जिसमें भूवैज्ञानिक,आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ और अन्य तकनीकी अधिकारी शामिल हों।
विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया,“विकास आवश्यक है,लेकिन इसके नाम पर लोगों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह विकास के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे।”
