चंडीगढ़, 24 अप्रैल -:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 2027 तक यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि नदी में बिना उपचारित पानी न जाए।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जानकारी दी कि यमुना नदी में जाने वाले पानी को साफ करने के लिए यमुना कैचमेंट एरिया में 1543 एमएलडी क्षमता के 91 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 41 एसटीपी पिछले पांच वर्षों में स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बढ़ती जरूरत को देखते हुए नए एसटीपी और औद्योगिक अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (ईटीपी) स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि जलशोधन क्षमता को और मजबूत किया जा सके।बैठक में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन जे गणेशन ने बताया कि कुछ औद्योगिक इकाइयां नियमों की अनदेखी कर बिना उपचारित पानी छोड़ रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना तक पहुंचने वाले प्रमुख ड्रेनों पर कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) स्थापित किए जाएंगे, ताकि औद्योगिक अपशिष्ट को उपचारित किए बिना नदी में न जाने दिया जाए। इसके लिए फरीदाबाद, गुरुग्राम, पानीपत और सोनीपत सहित विभिन्न स्थानों पर नए संयंत्र लगाए जा रहे हैं।इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलशोधन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए।बैठक में यह भी सामने आया कि दिल्ली से आने वाले अनुपचारित जल को हरियाणा में उपचारित किया जा रहा है। इस मुद्दे के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने की बात कही, ताकि यमुना में केवल साफ पानी ही प्रवाहित हो सके।
