ऊना,राकेश -:नेपाल में चीन सीमा के पास ग्लेशियर से बनी कृत्रिम झील के टूटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।बाढ़ की चपेट में आने से जहां कई घर और निर्माणाधीन परियोजनाएं तबाह हो गईं,वहीं बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की सूचना है।हादसे के कई दिन बीत जाने के बावजूद राहत और बचाव अभियान जारी है और कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।इनमें कुछ भारतीय नागरिकों के भी फंसे होने की बात सामने आई है।इसी बीच हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से ताल्लुक रखने वाले सुखविंदर सिंह को लेकर उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। सुखविंदर नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में एक हाइड्रो प्रोजेक्ट में इंजीनियर के तौर पर काम करते हैं।परिजनों के मुताबिक, हादसे के बाद से सुखविंदर से सीधा संपर्क नहीं हो पाया है और उन्हें हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल नंबर-1 में फंसे होने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि उनके साथ कुछ अन्य भारतीय नागरिक भी टनल में फंसे हो सकते हैं।
सुखविंदर के परिजन इस समय बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उनकी बुजुर्ग मां, पिता और दादी की आंखें बेटे की सुरक्षित वापसी की राह देख रही हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया है। कंपनी की ओर से उन्हें बताया गया है कि टनल में मौजूद लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।परिजनों ने भारत सरकार से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। परिवार की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से भी मुलाकात का समय लिया गया है। परिजन चाहते हैं कि भारत सरकार नेपाल सरकार से तत्काल बातचीत कर राहत और बचाव अभियान तेज करवाए, ताकि सुखविंदर समेत टनल में फंसे सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।सुखविंदर की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी और उनका दो साल का एक बेटा भी है। ऐसे में परिवार के लिए यह इंतजार और भी ज्यादा पीड़ादायक हो गया है। सुखविंदर की पत्नी लगातार उनके सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रही हैं। उनका कहना है कि कंपनी की ओर से उन्हें पति के टनल में फंसे होने की जानकारी दी गई है और टनल के बाहर जमा गाद को हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
परिवार का कहना है कि हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता बढ़ रही है। उन्हें उम्मीद है कि राहत और बचाव दल जल्द ही टनल तक पहुंचकर वहां फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लेगा। सुखविंदर की पत्नी ने भी भारत सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि नेपाल सरकार से उच्च स्तर पर बातचीत कर बचाव अभियान में तेजी लाई जाए, ताकि उनके पति जल्द सुरक्षित घर वापस लौट सकें और उनका छोटा बेटा अपने पिता से मिल सके।
वहीं सुखविंदर सिंह के ताया के बेटे शुभम रत्न ने भी वीडियो जारी कर भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। हालांकि सुखविंदर की मौजूदा स्थिति को लेकर अभी आधिकारिक स्तर पर स्पष्ट पुष्टि नहीं हो पाई है।शुभम रत्न के मुताबिक, सुखविंदर की तलाश के लिए उनके भाई वीरेंद्र रत्न दुबई से काठमांडू पहुंचे हैं और पिछले पांच दिनों से वहां लगातार प्रयास कर रहे हैं।शुभम का दावा है कि सुखविंदर समेत करीब 15 भारतीय नागरिकों के वहां फंसे होने की सूचना है।परिवार को एक नेपाली कर्मचारी के माध्यम से जानकारी मिली कि सुखविंदर टनल नंबर-1 में हो सकते हैं। इसके बाद काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास को भी इस संबंध में जानकारी दी गई है।परिवार का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर चल रहा राहत और बचाव अभियान अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।शुभम रत्न ने मांग की है कि भारत सरकार और संबंधित मंत्रालय इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाएं और जरूरत पड़ने पर भारतीय बचाव दल को नेपाल भेजा जाए।परिवार का कहना है कि नेपाल में बैठे परिजन फिलहाल सिर्फ इंतजार करने को मजबूर हैं।उन्हें डर है कि यदि समय रहते टनल तक पहुंचकर फंसे लोगों को बाहर नहीं निकाला गया, तो उनकी जान को खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में परिवार ने केंद्र सरकार से सुखविंदर सहित सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास करने की गुहार लगाई है।
