Chandigarh,3 November-चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित “मीट द प्रेस” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल हिमाचल की तरह ही अब बिहार को भी गारंटियों के नाम पर ठगने की शातिर चालें चल रहे हैं।उन्होंने कहा कि जिस तरह कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में एक के बाद एक झूठी गारंटियाँ देकर जनता को भ्रमित किया था, उसी मॉडल को अब बिहार में दोहराया जा रहा है। जो नेता हिमाचल में झूठे वादों के जरिए लोगों को बरगलाने आए थे, वही अब बिहार में वही काम कर रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के मुख्यमंत्री झूठ बोलने में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर चुके हैं। वे अब बिहार जाकर हमारे शासनकाल की योजनाओं को अपनी उपलब्धि बता रहे हैं। कांग्रेस की झूठी गारंटियों की हांडी एक बार चढ़ चुकी है, अब जनता दोबारा इन झूठों में नहीं फंसेगी।उन्होंने कहा कि “सेवा और विकास के लिए मंदिर में जाकर कसम खाने या झूठी गारंटियां देने की जरूरत नहीं होती।हमारी सरकार ने बिना किसी गारंटी के जनहित में काम किया — गृहिणी सुविधा योजना, 125 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं को बसों में आधा किराया, फ्री पानी, हिमकेयर, सहारा योजना, शगुन योजना, वृद्धा पेंशन, स्वावलंबन योजना, बेटी है अनमोल योजना जैसी अनेक योजनाएँ लागू कीं।”उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जब बड़ी-बड़ी कंपनियाँ कर्मचारियों को निकाल रही थीं,तब हमारी सरकार ने किसी का वेतन नहीं काटा,बल्कि नए रोजगार सृजित किए।
पत्रकारों पर कार्रवाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला
मीडिया से बात करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार पत्रकारों पर मुकदमे दर्ज करने में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। “जंगली मुर्गा मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में परोसा गया, जो अपराध है, लेकिन कार्रवाई पत्रकारों पर हुई। यह तानाशाही है और बीजेपी इसकी निंदा करती है।
धारा 118 और माफिया राज पर आरोप
धारा 118 में ढील देने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि “यह सरकार हिमाचल के हितों को बेचने पर आमादा है। धारा 118 में ढील के लिए एक संगठित रैकेट सक्रिय है जो लोगों से उगाही कर रहा है। यह सत्ता संरक्षित माफिया नेटवर्क है।उन्होंने कहा कि अवैध खनन से प्रदेश की पारिस्थितिकी प्रभावित हो रही है और माफिया राज फैल रहा है।आज स्थिति यह है कि माफिया खुलेआम गोली चला रहे हैं, और सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है ।
नशे के खिलाफ सख्ती और आपदा प्रबंधन पर सुझाव
नशे के बढ़ते प्रसार पर उन्होंने कहा कि “जहाँ सड़क नहीं हैं, वहाँ भी आज ‘चिट्टा’ पहुँच गया है। हमारी सरकार ने नार्थ जोन राज्यों के साथ मिलकर काम किया था जिससे अच्छे परिणाम आए,लेकिन मौजूदा सरकार ने वह व्यवस्था खत्म कर दी।उन्होंने हिमाचल में हाल की आपदाओं पर चिंता व्यक्त की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह ने उनके आग्रह पर एक मल्टी-सेक्टोरल टीम भेजकर स्थिति का अध्ययन कराया है ताकि दीर्घकालीन समाधान तैयार हो सके।
