शिमला,संजू- :हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने शिमला में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिला एवं क्षेत्रीय अस्पतालों के साथ-साथ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है,ताकि गंभीर जांच और उपचार के लिए बड़े शहरों या प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता कम हो।
नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। जिला अस्पतालों से लेकर सभी सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ब्लॉक स्तर तक के अस्पतालों को आधुनिक मशीनों और आवश्यक संसाधनों से लैस करने की दिशा में कार्य कर रही है,जिससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के तहत क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर,कुल्लू,ऊना, सोलन, धर्मशाला और पालमपुर के अलावा जिला अस्पताल किन्नौर तथा डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इन मशीनों के माध्यम से जटिल बीमारियों की अधिक सटीक जांच संभव होगी और मरीजों को विशेषज्ञ स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।नैदानिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला अस्पताल नाहन और हमीरपुर के साथ-साथ क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, सोलन और धर्मशाला में डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। इससे विशेष रूप से महिलाओं में स्तन कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
प्रेसवार्ता के दौरान नरेश चौहान ने बताया कि प्रदेश सरकार 42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद कर रही है, जिनमें से 14 मशीनें पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं।इनका उपयोग विशेष रूप से दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जांच,छाती संबंधी बीमारियों की पहचान तथा टीबी की समय रहते स्क्रीनिंग के लिए किया जाएगा।इससे प्राथमिक स्तर पर ही मरीजों का परीक्षण आसान होगा और उपचार में तेजी आएगी।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी चमियाना, आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर तथा श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में 256-स्लाइस हाई-एंड सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल एक्स-रे और 4डी अल्ट्रासाउंड मशीनें भी उपलब्ध करवाई जाएंगी,जिससे मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकें।नरेश चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चिकित्सा उपकरणों की खरीद एम्स,नई दिल्ली के मानकों के अनुरूप की जाए। साथ ही सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के रेडियोलॉजी विभागों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं,ताकि प्रदेशवासियों को आधुनिक,गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
