शिमला/संजू-:हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की है।शहर में अनुपयोगी पड़े लोहे और स्टील के कबाड़ को नया जीवन देते हुए दुनिया के प्रसिद्ध सात अजूबों की प्रतिकृतियां तैयार की गई हैं।इस अनूठी परियोजना का उद्देश्य न केवल कबाड़ के पुन: उपयोग को बढ़ावा देना है,बल्कि शहर में ऐसे आकर्षक स्थल विकसित करना भी है,जहां पर्यटक और स्थानीय लोग यादगार तस्वीरें खिंचवा सकें।
नगर निगम के इस अभियान के तहत सात अलग-अलग स्थानों पर इन प्रतिकृतियों को स्थापित किया जाएगा।इसकी शुरुआत रानी झांसी पार्क से हो चुकी है,जहां पहला’सेवन वंडर’स्थापित कर दिया गया है।आने वाले दिनों में स्कैंडल प्वाइंट,शिमला वॉच कंपनी के समीप,रिज मैदान स्थित एटीएम के पास,आशियाना के नीचे और ढली चौक सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर भी इन्हें लगाया जाएगा।इन संरचनाओं को विशेष आकर्षण देने के लिए आधुनिक एलईडी लाइटिंग से सजाया जाएगा,ताकि दिन के साथ-साथ रात के समय भी ये पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकें।नगर निगम का मानना है कि इन नए सेल्फी प्वाइंट्स से शहर की पर्यटन गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी और पर्यटकों को शिमला में एक अलग अनुभव प्राप्त होगा।
नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि यह परियोजना दिल्ली की एक विशेषज्ञ फर्म के सहयोग से तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस पहल का सबसे बड़ा संदेश यह है कि कोई भी वस्तु पूरी तरह बेकार नहीं होती।यदि सही सोच और रचनात्मकता के साथ उसका पुन: उपयोग किया जाए तो वही कबाड़ एक नई पहचान बन सकता है।यह अभियान पर्यावरण संरक्षण,संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्वच्छ शहर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।नगर निगम के अनुसार सभी सात प्रतिकृतियों की स्थापना का कार्य अगले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा।इसके बाद हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री इनका औपचारिक अनावरण करेंगे और इन्हें आम जनता तथा पर्यटकों के लिए समर्पित किया जाएगा।नगर निगम को उम्मीद है कि यह पहल शिमला की सुंदरता में नया आयाम जोड़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश भी देगी और शहर के पर्यटन को नई रफ्तार प्रदान करेगी।
