अंबाला-:अंबाला साइबर पुलिस ने करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मध्य प्रदेश से दो अहम आरोपियों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों पर ऑनलाइन गेमिंग ऐप ‘रॉकी बुक’ के जरिए निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर लोगों से करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है।पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड,बैंक दस्तावेज,सिम कार्ड,जाली मोहरें और नकदी बरामद की है।
अंबाला पुलिस के ऑपरेशन ट्रैकटाउन के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।इसी अभियान के दौरान साइबर थाना पुलिस ने मध्य प्रदेश से गिरोह के दो मुख्य सदस्यों,केतन सोनी और विवेक सिंह जट्ट को गिरफ्तार किया।पुलिस के मुताबिक अंबाला शहर निवासी हेमंत ने 5 मार्च 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन गेमिंग ऐप ‘रॉकी बुक’ के माध्यम से उन्हें भारी मुनाफे का लालच दिया गया।इस झांसे में आकर उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी के साथ-साथ दोस्तों और रिश्तेदारों से लिए गए पैसे भी निवेश कर दिए, जिसके बाद करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी हो गई।जांच के दौरान पुलिस ने 31 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। केतन सोनी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि विवेक सिंह जट्ट से पुलिस रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की गई।पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 186 एटीएम कार्ड,26 बैंक पासबुक,26 चेक बुक,3 जाली मोहरें,2 सिम कार्ड और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की।
इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि विवेक सिंह जट्ट का संपर्क विदेश में बैठे साइबर अपराधियों से था।वह मध्य प्रदेश से पूरे नेटवर्क का संचालन करता था और ठगी की रकम अलग-अलग माध्यमों से विदेशी सरगनाओं तक पहुंचाता था,जिसके बदले उसे कमीशन मिलता था।अंबाला साइबर पुलिस अब इस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क की बाकी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि विदेश में बैठे मुख्य सरगनाओं की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
