अंबाला-:किआ इंडिया ने कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के सहयोग से प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी.(डेवलप रिस्पॉन्सिबल आउटलुक फॉर प्लास्टिक) के पांचवें चरण की शुरुआत की।इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) द्वारा क्रियान्वित इस पहल का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे के जिम्मेदार प्रबंधन के लिए व्यवस्थित संग्रहण व्यवस्था विकसित करने के साथ-साथ लोगों में जागरूकता और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है।इस चरण के तहत अंबाला कैंटोनमेंट के 90 स्थानों को परियोजना से जोड़ा गया है। इनमें आवासीय परिसर, सैन्य इकाइयां, स्कूल, मेस और विभिन्न संस्थागत प्रतिष्ठान शामिल हैं। इन स्थानों पर प्लास्टिक कचरे के स्रोत पर पृथक्करण,व्यवस्थित संग्रहण और उचित प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा।
कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के साथ सहयोग प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. के लिए महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है।पहली बार इस पहल को किसी रक्षा प्रतिष्ठान तक पहुंचाया गया है। किआ इंडिया, कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला और आईपीसीए के संयुक्त प्रयासों से ऐसा मॉडल विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है,जिसे भविष्य में अन्य कैंटोनमेंट क्षेत्रों में भी अपनाया जा सके।प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. किआ इंडिया की प्रमुख कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी पहलों में शामिल है। इसका उद्देश्य कचरा उत्पन्न करने वाले लोगों को जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना और प्रभावी संग्रहण तंत्र स्थापित करना है। अंबाला के शामिल होने के साथ यह परियोजना अब देश के 12 शहरों—गुरुग्राम, बेंगलुरु, विजयवाड़ा,विशाखापत्तनम, मुंबई, चंडीगढ़, पंचकूला, जीरकपुर, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और अंबाला में संचालित हो रही है।परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर आईपीसीए की उप निदेशक डॉ. राधा गोयल ने कहा कि 90 स्थानों को परियोजना से जोड़ना अंबाला कैंटोनमेंट में एकीकृत और टिकाऊ प्लास्टिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि स्रोत पर जागरूकता, व्यवस्थित संग्रहण और सभी हितधारकों की निरंतर भागीदारी के माध्यम से दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन और मापने योग्य पर्यावरणीय परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर श्री अजय गर्ग ने कहा कि अंबाला कैंटोनमेंट में शुरू की गई यह परियोजना कैंटोनमेंट क्षेत्र में अपनी तरह की पहली कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी पहल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे देश के अन्य कैंटोनमेंट क्षेत्रों में भी ऐसे मॉडल को अपनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल आनंद शर्मा ने कहा कि प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. कैंटोनमेंट बोर्ड और रक्षा अधिकारियों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से नागरिक प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट जिम्मेदारियों और मापने योग्य परिणामों के साथ यह परियोजना नागरिक सेवाओं तथा निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए एक प्रभावी संस्थागत मॉडल प्रस्तुत करती है।कार्यक्रम के दौरान डी.आर.ओ.पी. सामुदायिक कूड़ेदानों का भी अनावरण किया गया।पुनर्चक्रित प्लास्टिक से तैयार इन कूड़ेदानों के अलावा पुनर्चक्रित सामग्री से निर्मित पार्क बेंच भी स्थापित की गईं। इन उत्पादों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जिम्मेदारीपूर्वक एकत्र किए गए प्लास्टिक कचरे को उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जा सकता है।परियोजना के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में पेशेवर कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से प्लास्टिक कचरे के जिम्मेदार प्रबंधन, व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सामूहिक भागीदारी का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया।
