शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता फिलहाल बनी हुई है।प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश दर्ज की गई है।निचले मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में कई जगहों पर भारी बारिश हुई,जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।बिलासपुर,हमीरपुर और सोलन में सबसे अधिक बारिश हुई,जहां करीब 12 से 15 सेंटीमीटर तक पानी बरसा।चंबा,मंडी,कुल्लू, सिरमौर और शिमला में भी 5 से 8 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 19 अगस्त को सिरमौर और कांगड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।प्रदेश के अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार के अनुसार,अगले 24 घंटे तक मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में मानसून सक्रिय रहेगा।19 अगस्त को कई क्षेत्रों में बारिश होने के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।मंडी, चंबा और सिरमौर में भारी बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। कांगड़ा और सिरमौर में भी मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।वहीं, 21 अगस्त को मंडी के अलावा चंबा, सिरमौर और ऊना में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। हालांकि 20 अगस्त के बाद प्रदेश में भारी बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक 23 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आने के आसार हैं। इस दौरान कुछ जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।लगातार बारिश के कारण अगले 24 से 48 घंटे के दौरान भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। नदियों, खड्डों और अन्य जलस्रोतों में अगले दो से तीन दिनों तक जलस्तर और बहाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लोगों से जलस्रोतों के नजदीक जाने से बचने को कहा गया है।
बारिश के चलते सड़कों पर फिसलन बढ़ने की संभावना को देखते हुए वाहन चालकों से धीमी गति से वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है। आपदा की स्थिति में स्थानीय प्रशासन की सलाह को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।अगस्त में अब तक प्रदेश में बारिश सामान्य से कम रही है। 1 से 18 अगस्त के बीच सामान्य बारिश 178 मिलीमीटर रहती है, जबकि इस अवधि में 164 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। यह सामान्य से करीब 8 फीसदी कम है। पूरे मानसून सीजन की बात करें तो अब तक करीब 500 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 535 मिलीमीटर है। यानी मानसून सीजन में बारिश करीब 7 फीसदी कम है।मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले सप्ताह में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं। ऐसे में प्रदेश में बारिश की कमी का आंकड़ा आगे और बढ़ने की संभावना है।
