शिमला-:भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने हिमाचल कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस आज एकजुट राजनीतिक दल के बजाय अलग-अलग गुटों में बंटी हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं का ध्यान जनता की समस्याओं से अधिक आपसी राजनीतिक वर्चस्व और आगामी विधानसभा चुनाव की टिकट दावेदारी पर केंद्रित है।उन्होंने कहा कि ठियोग विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची और विधायक कुलदीप सिंह राठौर को लेकर सामने आई बयानबाजी ने पार्टी की अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है। उनके अनुसार, अब कांग्रेस के भीतर के मतभेद बंद कमरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया तक पहुंच चुके हैं।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि खाची की टिप्पणी के बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का कुलदीप सिंह राठौर के समर्थन में सामने आना कांग्रेस के भीतर सक्रिय अलग-अलग राजनीतिक खेमों की ओर संकेत करता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस में कई शक्ति केंद्र काम कर रहे हैं और प्रत्येक गुट अपने प्रभाव को मजबूत करने में जुटा है।
2027 के टिकट की राजनीति अभी से तेज
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि ठियोग में सामने आए घटनाक्रम में आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीति भी दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में अभी से टिकट को लेकर खींचतान शुरू हो गई है और नेता एक-दूसरे की राजनीतिक जमीन कमजोर करने में जुटे हैं।उन्होंने कहा कि जब चुनाव में अभी समय है, तब भी कांग्रेस के भीतर टिकट और नेतृत्व को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि पार्टी में सत्ता और संगठन पर वर्चस्व की लड़ाई तेज हो रही है।
कांग्रेस संगठन में भी गुटबाजी का आरोप
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान केवल ठियोग तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, प्रदेश से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक अलग-अलग नेताओं के समर्थक अपने-अपने राजनीतिक समीकरण बनाने में लगे हुए हैं।उन्होंने कहा, “कांग्रेस मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक पार्टी के भीतर अलग-अलग गुट दिखाई दे रहे हैं। एक नेता बयान देता है तो दूसरा उसी पार्टी के नेता के विरोध में खड़ा हो जाता है। इससे कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति साफ दिखाई देती है।”
जनता की समस्याओं पर ध्यान देने की नसीहत
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याएं, किसानों-बागवानों की परेशानियां, सड़कों की स्थिति और महंगाई जैसे मुद्दे जनता के सामने हैं। ऐसे समय में कांग्रेस नेताओं को आपसी राजनीतिक विवादों के बजाय इन समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता ने कांग्रेस को सरकार चलाने का जनादेश दिया है, न कि आपसी राजनीतिक हिसाब-किताब करने का। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जितना समय अपने नेताओं के बीच राजनीतिक समीकरण साधने में लगा रही है, उतना समय यदि जनसमस्याओं के समाधान में लगाया जाता तो प्रदेश के हित में बेहतर परिणाम सामने आते।
“पहले अपना घर संभाले कांग्रेस”
संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस नेताओं को भाजपा पर टिप्पणी करने से पहले अपनी पार्टी के भीतर चल रहे विवादों पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित और कार्यकर्ता आधारित संगठन है, जबकि कांग्रेस में अलग-अलग गुटों के बीच खींचतान लगातार सार्वजनिक हो रही है।उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आएंगे, कांग्रेस के भीतर टिकट और नेतृत्व को लेकर विवाद और तेज हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस की इस अंदरूनी राजनीति पर नजर रख रही है और उसे तय करना है कि राजनीतिक दलों की प्राथमिकता सत्ता संघर्ष है या जनसेवा।
