चंडीगढ़-:हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर परिवहन मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की अधिकांश मांगों पर सहमति बनी। परिवहन मंत्री ने कहा कि करीब 80 से 90 प्रतिशत मांगों पर निर्णय लिया गया है और बैठक में लिए गए फैसलों की एक महीने बाद समीक्षा की जाएगी।
700 परिचालकों की होगी भर्ती, 2072 नियमित पदों का प्रस्ताव
परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि रोडवेज में जल्द ही 700 परिचालकों के पद भरे जाएंगे। इसके अलावा 2072 नियमित परिचालकों की भर्ती के लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए भेजा गया है, जिसके बाद इसे हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।अधिकारियों को 700 परिचालकों की पदोन्नति जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। चालकों को हैवी पे ग्रेड देने और स्टैंड इंचार्ज का पद सृजित करने से जुड़े मामलों का दोबारा अध्ययन कर सरकार और वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए।
आठ घंटे की ड्यूटी के बाद मिलेगा ओवरटाइम
बैठक में चालक और परिचालकों की ड्यूटी से जुड़ी अहम मांग पर भी सहमति बनी। अब आठ घंटे की ड्यूटी पूरी होने के बाद नियमानुसार ओवरटाइम देने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।इसके साथ ही हरियाणा रोडवेज की बसों की समय-सारिणी में जल्द बदलाव करने को कहा गया है। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई निजी बस हरियाणा रोडवेज की बस से कुछ समय पहले न चले।
चालक-परिचालकों की सुरक्षा के लिए हर जिले में नोडल अधिकारी
ड्यूटी के दौरान चालक और परिचालकों के साथ होने वाली मारपीट एवं विवाद की घटनाओं को देखते हुए सरकार ने हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का फैसला किया है।किसी चालक या परिचालक के साथ घटना होने पर वह संबंधित नोडल अधिकारी को सूचना देगा। इसके बाद नोडल अधिकारी संबंधित प्रशासन के साथ समन्वय कर मामले का समाधान कराने की कार्रवाई करेगा।
परिचालकों के ग्रेड पे और वेतन वृद्धि पर भी होगा विचार
परिचालकों के ग्रेड पे में बढ़ोतरी की मांग पर पड़ोसी राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन कर प्रस्ताव सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। वहीं लिपिकों की तर्ज पर परिचालकों को तीन वेतन वृद्धियां देने का मामला भी वित्त विभाग को भेजा जाएगा।मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
अर्जित अवकाश और तकनीकी पदों पर पदोन्नति का मामला भी उठा
बैठक में चालक, परिचालक, उप-निरीक्षक, निरीक्षक और कर्मशाला कर्मचारियों को पहले की तरह अर्जित अवकाश देने की मांग पर चर्चा हुई।वर्ष 2018 में कर्मशाला में भर्ती हुए ग्रुप-डी कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने के मामले को भी दोबारा सरकार और वित्त विभाग के समक्ष भेजने की बात कही गई।इसके अलावा कर्मचारियों को पहले की तरह कैलेंडर हॉलिडे देने, एचकेआरएन के तहत नियुक्त परिचालकों एवं हेल्परों तथा पार्ट-2 के तहत लगे हेल्परों को नियमित करने से जुड़े मामलों में भी अधिकारियों को आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अधीक्षक पद के अनुभव की अवधि 12 से घटाकर 5 साल करने पर विचार
बैठक में अधीक्षक के पद के लिए आवश्यक अनुभव की अवधि को 12 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष करने तथा सहायकों के पद बढ़ाकर लिपिकों को पदोन्नति देने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।अधिकारियों ने बताया कि इन मामलों को रेशनलाइजेशन कमीशन के पास भेजा जाएगा कर्मचारियों की पोस्टिंग और अन्य व्यवस्थाओं के रेशनलाइजेशन पर भी बैठक में चर्चा हुई।
बोनस,रात्रि ठहराव और अन्य सुविधाओं पर भी चर्चा
चालक और परिचालकों को रात्रि ठहराव देने तथा 25 दिन के भुगतान से संबंधित अधिकार महाप्रबंधकों को देने का मामला वित्त विभाग को भेजा जाएगा।इसके अलावा सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को पुलिस कर्मचारियों की तर्ज पर एक माह के वेतन के बराबर बोनस देने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जाएगा।बैठक में एक्स-ग्रेशिया नीति, जोखिम भत्ता, कैशलेस मेडिकल सुविधा और एचआरईसी समेत कई अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
वर्दी और जूता भत्ते में बढ़ोतरी को मिली मंजूरी
कर्मचारियों के वर्दी, जूता और धुलाई भत्ते को बढ़ाने की मांग पर भी महत्वपूर्ण निर्णय हुआ। प्रस्ताव के अनुसार गर्मी की वर्दी का भत्ता 1,350 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये और सर्दी की वर्दी का भत्ता 1,450 रुपये से बढ़ाकर 1,780 रुपये करने का प्रस्ताव है।वहीं जूता भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,600 रुपये करने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की मंजूरी मिल चुकी है। अब मामला वित्त विभाग के पास है।बैठक में परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अतुल कुमार, राज्य परिवहन के निदेशक धीरेन्द्र खटगड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त सचिव हितेश मीणा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा की ओर से भी कई पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए।
