शिमला-संजू-:हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार प्रदेश की महत्वाकांक्षी हिमकेयर योजना में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अब इस योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये के बजाय 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।सरकार हिमकेयर योजना को नए सिरे से इंश्योरेंस मॉडल पर लागू करने जा रही है।इसके लिए निजी बीमा कंपनियों से टेंडर आमंत्रित किए गए थे,जिसमें आठ कंपनियों ने हिस्सा लिया।आदित्य बिरला ग्रुप की हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की बोली सबसे कम रही है।मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर नरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने योजना की समीक्षा के दौरान कई अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद इसके स्वरूप में बदलाव का फैसला लिया है।
वहीं,दूसरी ओर नरेश चौहान ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के बयानों पर भी पलटवार किया।उन्होंने भाजपा पर प्रदेश की आर्थिक स्थिति बिगाड़ने और कर्मचारियों की देनदारियां छोड़ने का आरोप लगाया। चौहान ने कहा कि भाजपा अब एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रही है,जबकि पिछले चार वर्षों तक पार्टी पांच गुटों में बंटी रही।कौरव-पांडव की राजनीति पर भी उन्होंने कहा कि अब जनता राजनीतिक उपमाओं से नहीं,बल्कि सरकारों के कामकाज से फैसला करेगी।
हिमकेयर योजना में बदलाव
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए सरकार हिमकेयर योजना का नया मॉडल तैयार कर रही है।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल पर योजना को इंश्योरेंस मॉडल के तहत संचालित करने की तैयारी है।इसके तहत पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने का प्रस्ताव बनाया गया है।अब तक इस योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध करवाया जाता था।मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर नरेश चौहान ने बताया कि हिमकेयर योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के सामने कुछ निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में अनियमितताओं की शिकायतें आई थीं।आरोप थे कि कुछ संस्थानों ने आपसी गठजोड़ के जरिए गलत बिलिंग कर योजना का अनुचित लाभ उठाया। इन मामलों की विजिलेंस जांच भी चल रही है।चौहान के मुताबिक, सरकार का मकसद योजना को पारदर्शी बनाना और इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है। इसके लिए एक पॉलिसी कमेटी का गठन किया गया था,जिसने योजना के नए स्वरूप को लेकर सुझाव दिए।
बीमा कंपनी से होगी बातचीत
नरेश चौहान ने बताया कि हिमकेयर योजना को इंश्योरेंस मोड में लागू करने के लिए आठ बड़ी कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया।इनमें आदित्य बिरला ग्रुप की हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की बोली सबसे कम रही है।हालांकि,मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कंपनी के साथ दोबारा बातचीत कर प्रीमियम की दरें और कम करवाने के निर्देश दिए हैं।नई व्यवस्था के तहत बीमा कंपनी के साथ एमओयू किया जाएगा।इसमें इलाज की दरें,विभिन्न बीमारियों का कवरेज और अस्पतालों को भुगतान करने की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से तय होगी। सरकार का मानना है कि इससे योजना में पारदर्शिता आएगी और फर्जी बिलिंग जैसी शिकायतों पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
भाजपा पर सियासी हमला
हिमकेयर योजना के अलावा नरेश चौहान ने अनुराग ठाकुर के बयानों पर भी तीखा पलटवार किया।उन्होंने भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों तक भाजपा पांच अलग-अलग गुटों में बंटी रही।पार्टी में न तो एक नेतृत्व दिखाई दिया और न ही कोई साझा राजनीतिक दिशा थी। हर नेता अपने स्तर पर काम कर रहा था।चौहान ने कहा कि पिछले 15 दिनों से भाजपा नेता एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं,लेकिन यह केवल फेस सेविंग की कवायद है।उन्होंने दावा किया कि हिमाचल को लेकर आईबी और अन्य खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद दिल्ली में भाजपा नेताओं पर दबाव बढ़ा और अब सभी नेता एक मंच पर आने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, उनके मुताबिक पार्टी के भीतर गुटबाजी अभी भी कायम है।
कर्मचारियों के मुद्दे पर घेरा
कर्मचारियों और पेंशनर्स के बकाया भुगतान को लेकर भी नरेश चौहान ने भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार जब सत्ता में आई थी,उस समय उसे करीब 11 से 12 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां और एरियर विरासत में मिले थे। उन्होंने अनुराग ठाकुर से सवाल किया कि जब वह केंद्र सरकार में मंत्री थे,तब भाजपा ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के बकाया भुगतान के लिए क्या कदम उठाए?चौहान ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने 1.36 लाख कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया है।इसके अलावा पिछली सरकार की छोड़ी गई कई देनदारियों का भुगतान भी किया गया है। हाल ही में कर्मचारियों को पांच प्रतिशत डीए देकर राहत पहुंचाई गई है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भविष्य में भी संसाधन जुटाकर कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित भुगतान करने का प्रयास करेंगे।
कौरव-पांडव बयान पर जवाब
अनुराग ठाकुर के कौरव-पांडव वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश चौहान ने कहा कि अब राजनीति केवल इस तरह की उपमाओं से तय नहीं होगी। आज की युवा पीढ़ी और जेन-जी जागरूक है।मतदाता यह देखेगा कि किस सरकार ने प्रदेश के विकास और जनता के हित में कितना काम किया है।आने वाले समय में राजनीतिक फैसला भी इसी आधार पर होगा।चौहान ने अनुराग ठाकुर को भाजपा का अच्छा और क्षमतावान नेता बताया। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर पहले केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं,लेकिन इस बार उन्हें कोई मंत्रालय या महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी गई।उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी क्षमता के अनुरूप उन्हें जिम्मेदारी नहीं मिली।हालांकि,चौहान ने अनुराग ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सवाल किया कि जब हिमाचल को केंद्र सरकार से आर्थिक मदद की सबसे ज्यादा जरूरत थी,तब प्रदेश के अधिकारों और हितों की पैरवी के लिए उन्होंने क्या प्रयास किए?
