कैथल-:जिले में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण रखने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।डीसी अपराजिता ने बताया कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुझावों और सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में 31 जनवरी 2027 तक ग्रीन पटाखों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण,बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि सीरीज पटाखों यानी पटाखों की लड़ियों तथा बेरियम सॉल्ट युक्त पटाखों पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक ग्रीन पटाखे केवल रात 8 बजे से 10 बजे तक ही चलाए जा सकेंगे।निर्धारित समय के अतिरिक्त पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी।इसके अलावा पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और ऑनलाइन ऑर्डर लेने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
मिट्टी के दीपक जलाकर मनाएं दीपावली
डीसी अपराजिता ने धनतेरस,दीपावली और भाई दूज के अवसर पर जिलावासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये पर्व सभी के जीवन में सुख,समृद्धि,शांति और खुशहाली लेकर आएं।उन्होंने कहा कि दीपावली आपसी प्रेम,सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक है।इसलिए सभी नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए प्रदूषण मुक्त दीपावली मनानी चाहिए।उन्होंने लोगों से अपील की कि पटाखों से दूरी बनाकर मिट्टी के दीये जलाएं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दें।इससे पर्यावरण सुरक्षित रहने के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों और मिट्टी के दीपक बनाने वाले लोगों को भी रोजगार मिलेगा।
किसान पराली जलाने की बजाय अपनाएं उचित प्रबंधन
डीसी ने किसानों से विशेष अपील करते हुए कहा कि फसल अवशेषों यानी पराली को आग लगाने से बचें।पराली जलाने से वातावरण प्रदूषित होता है और इसका प्रतिकूल प्रभाव आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ता है।किसान पराली जलाने के बजाय उसके उचित प्रबंधन के तरीके अपनाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि सभी नागरिक प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और त्योहारों को खुशियों, सद्भाव तथा स्वच्छ वातावरण के साथ मनाएं।
