/ Nov 05, 2026

14 साल से विधायक, 4 साल से मंत्री, फिर भी सड़क के लिए तरसे ग्रामीण…लोगों ने खुद जुटाया पैसा

शिमला/संजू-:ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के सरकारी दावों के बीच डूबलु पंचायत से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है,जो व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।क्षेत्र के लोगों को सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। हालात ऐसे बने कि सरकारी मदद की उम्मीद छोड़कर ग्रामीणों ने खुद ही सड़क बनाने का बीड़ा उठा लिया।करीब 10 से 12 वर्षों के संघर्ष के बाद लोगों ने आपसी सहयोग और निजी संसाधनों से सड़क निर्माण का काम पूरा किया।

ग्रामीणों ने अपने दम पर बदली क्षेत्र की तस्वीर

इस सड़क के निर्माण में स्थानीय लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग दिया।वहीं,भाजपा जिला उपाध्यक्ष मोहित ठाकुर ने भी अपने निजी स्तर पर दो लाख रुपये की सहायता प्रदान की। सड़क बनने से अब दो पंचायतों के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा।पहले जहां लोगों को एक पंचायत से दूसरी पंचायत तक पहुंचने के लिए करीब 40 से 45 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता था,वहीं अब यह दूरी घटकर महज सात किलोमीटर रह गई है।इससे क्षेत्र के लोगों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

मंत्री की कार्यप्रणाली पर भाजपा नेता ने उठाए सवाल

भाजपा जिला उपाध्यक्ष मोहित ठाकुर ने इस मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर निशाना साधा।उन्होंने कहा कि जनता ने लगातार तीन बार विधायक चुनकर अपना विश्वास जताया और पिछले चार वर्षों से उन्हें मंत्री के रूप में जिम्मेदारी भी मिली हुई है।इसके बावजूद ग्रामीण सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।मोहित ठाकुर ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के बजाय मंत्री अपने करीबियों और निजी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कोटी में कॉलेज के अलावा अन्य पंचायतों में उच्च शिक्षा की सुविधाएं विकसित नहीं होने पर भी सवाल खड़े किए।

कानूनी अड़चनों और बजट की कमी से अटका रहा काम

स्थानीय निवासी योगेंद्र शर्मा ने बताया कि दो पंचायतों को जोड़ने वाली इस सड़क के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने लंबे समय तक प्रयास किए।इस दौरान कई सरकारी और कानूनी अड़चनें सामने आईं,लेकिन लोगों ने हिम्मत नहीं हारी।आखिरकार सामूहिक प्रयासों से सड़क का निर्माण संभव हो पाया।उन्होंने कहा कि इस सड़क के बनने से दोनों पंचायतों के बीच संपर्क बेहतर होगा और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

पुपलोरा के पास दस साल तक रुका रहा निर्माण

वहीं,स्थानीय निवासी महेशिंद्र सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण का काम करीब दस वर्ष पहले शुरू हुआ था,लेकिन पुपलोरा के पास पहुंचकर काम रुक गया। बजट की कमी और वन अधिकार अधिनियम (FRA) से संबंधित अनुमति नहीं मिलने जैसी समस्याओं के कारण सड़क आगे नहीं बन पाई।इसके बाद ग्रामीणों ने खुद संसाधन जुटाए और कंप्रेसर तथा ब्रेकर मशीनों की मदद से सड़क को जोड़ने का काम पूरा किया।इस सड़क से पयुरन,ब्लॉक पंचायत के साथ ट्राई,लखोठी और छलांडा के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

विकास के दावों के बीच व्यवस्था पर बड़ा सवाल

डूबलु पंचायत के ग्रामीणों की यह पहल सामूहिक एकजुटता और इच्छाशक्ति की मिसाल जरूर है,लेकिन साथ ही यह सवाल भी छोड़ जाती है कि आखिर ग्रामीणों को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए अपनी जेब से पैसा क्यों खर्च करना पड़ा? वर्षों तक मांग उठाने और संघर्ष करने के बावजूद समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ? अब सड़क बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन सरकारी व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को लेकर सवाल बरकरार हैं।

Ekta TSN

rahulkash03@gmail.com http://www.thesummernews.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

14 साल से विधायक, 4 साल से मंत्री, फिर भी सड़क के लिए तरसे ग्रामीण…लोगों ने खुद जुटाया पैसा

शिमला/संजू-:ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के सरकारी दावों के बीच डूबलु पंचायत से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है,जो व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।क्षेत्र के लोगों को सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। हालात ऐसे बने कि सरकारी मदद की उम्मीद छोड़कर...

एडीसी ईशांत जसवाल को राष्ट्रीय एक्सीलेंस अवॉर्ड, राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने बिलासपुर में किया सम्मानित,

ऊना,राकेश-ऊना जिले के लिए गौरव का विषय है कि अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ईशांत जसवाल को उनकी उत्कृष्ट प्रशासनिक सेवाओं और जनहित में किए गए कार्यों के लिए राष्ट्रीय एक्सीलेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।लाडली फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस सम्मान समारोह में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने उन्हें पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।बिलासपुर में...

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चमका लाहौल का सीबकथॉर्न, एक लीटर जूस के दाम 2 हजार रुपये तक पहुंचे

मनमिंदर अरोड़ा | कुल्लू-:जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति का पारंपरिक उत्पाद सीबकथॉर्न अब देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। छरमा जूस के नाम से मशहूर इस उत्पाद की बढ़ती लोकप्रियता का असर अब इसकी कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। पिछले साल तक जिस सीबकथॉर्न जूस की एक...

हिमकेयर योजना का बदलेगा स्वरूप, अब 5 की जगह 10 लाख रुपये तक मिलेगा स्वास्थ्य बीमा कवर: नरेश चौहान

शिमला-संजू-:हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार प्रदेश की महत्वाकांक्षी हिमकेयर योजना में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अब इस योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये के बजाय 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।सरकार हिमकेयर योजना को नए सिरे से इंश्योरेंस मॉडल पर...

शिमला में खड़ी चढ़ाई से मिलेगी राहत,30 नवंबर तक शुरू होगी फ्यूनिकुलर ट्रॉली और लिफ्ट की सुविधा

शिमला-:राजधानी शिमला में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को जल्द ही खड़ी चढ़ाई से राहत मिलने वाली है।लक्कड़ बाजार से रिज मैदान तक पहुंचने के लिए अब लोगों को पैदल चढ़ाई चढ़ने की मजबूरी नहीं रहेगी।नगर निगम की ओर से इस मार्ग पर फ्यूनिकुलर ट्रॉली और लिफ्ट की सुविधा विकसित की जा रही है।करीब 15.50 करोड़...

NE

News Elementor

We bring you fast, clear, and credible news that cuts through the noise. From breaking headlines to stories that matter, count on us for smart, engaging coverage every day.

Stay informed. Stay curious. Stay with The Summer News.

Popular Categories

Must Read

Copyright © 2025 Summer News Network Pvt. Ltd.