शिमला,संजू-:मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी संपत्ति को लेकर सामने आई ADR रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग रिपोर्ट के बहाने उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कोई नई संपत्ति नहीं खरीदी है और उनकी सभी चल-अचल संपत्तियों का पूरा विवरण पहले से ही चुनाव आयोग में दाखिल शपथ पत्र में दर्ज है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस भूमि को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं,वह उन्होंने वर्षों पहले खरीदी थी।समय के साथ उस जमीन की बाजार कीमत में वृद्धि हुई है और उसी भूमि पर उन्होंने अपना मकान भी बनाया है।उन्होंने कहा कि संपत्ति के मूल्य में बढ़ोतरी स्वाभाविक प्रक्रिया है और इसे किसी नई खरीद या अनियमितता के रूप में पेश करना गलत है।उन्होंने कहा कि उनकी संपत्ति से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं।
सुक्खू ने ADR रिपोर्ट में उनकी शैक्षणिक योग्यता का अधूरा उल्लेख किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में उनकी एमए और एलएलबी की डिग्रियों का जिक्र नहीं किया गया,जबकि यह जानकारी उनके आधिकारिक दस्तावेजों में उपलब्ध है।उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित संस्था इस त्रुटि को जल्द सुधार करेगी।मुख्यमंत्री ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि किसी को उनकी संपत्ति को लेकर कोई संदेह है तो जांच कराने के लिए सभी संवैधानिक एजेंसियां उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पहले भी जांच हो चुकी है और भविष्य में भी यदि जरूरत समझी जाए तो उन्हें किसी जांच से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर संपत्ति अर्जित की है और तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
राजनीतिक घटनाक्रम पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस विचारधारा आधारित पार्टी है और यदि कोई विधायक पार्टी छोड़ना चाहता है तो वह स्वतंत्र है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ऐसे नेताओं की आवश्यकता नहीं है जो अवसरवादी राजनीति में विश्वास रखते हों।साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कई नेता और विधायक भी कांग्रेस के संपर्क में रहते हैं,लेकिन पार्टी ऐसे लोगों को शामिल करने में रुचि नहीं रखती।
शिक्षा मंत्री को लेकर प्रियंका गांधी के बयान का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति के हाथों में होनी चाहिए जिसकी साफ-सुथरी छवि हो,शिक्षा के क्षेत्र की समझ रखता हो और जिसके कार्यकाल में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।
