Chandigarh,5 December-:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल नुकसान संबंधी फर्जी अपलोड और लापरवाही के मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्परता से कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।राज्य सरकार को जानकारी मिली थी कि कुछ क्षेत्रों में एक ही फसल खराबे की फोटो बार-बार पोर्टल पर अपलोड कर मुआवज़ा राशि में अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग और किसानों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ के रूप में देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया।
राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम सैनी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्राथमिकता पात्र किसानों को पारदर्शी और समयबद्ध राहत देना है। उन्होंने विभाग को निर्देश जारी किए कि ऐसे सभी मामलों की गहन जांच कर जिम्मेदार पटवारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद विभिन्न जिलों में गड़बड़ी में शामिल पाए गए पटवारियों की पहचान की गई और भिवानी के जुई खुर्द, कुरुक्षेत्र के बोरीपुर, जींद के कालवन, फतेहाबाद के जंडवाला, गुरुग्राम के पटौदी तथा दादरी के निमली के पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अन्य संदेहास्पद मामलों की जांच तेज़ गति से जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून से हुए फसली नुकसान की ईमानदार व निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक पीड़ित किसानों तक सहायता पहुँच सकेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी जिला उपायुक्त तुरंत विस्तृत रिपोर्ट भेजें ताकि अगले एक सप्ताह के भीतर योग्य किसानों को मुआवज़ा राशि जारी की जा सके।बैठक में राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं और बजट घोषणाओं की समयबद्ध पूर्ति पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान राहत से वंचित न रहे।
