धर्मशाला/राहुल-:मानसून के दौरान पर्यटकों और ट्रैकर्स की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कांगड़ा जिला प्रशासन ने एडवेंचर स्पोर्ट्स और ट्रेकिंग गतिविधियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं।भारी बारिश,भूस्खलन और अचानक बढ़ते जलस्तर जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए कई साहसिक गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाई गई है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ रेस्क्यू अभियान का पूरा खर्च भी संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा।
जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि 15 जुलाई से 15 सितंबर तक जिले में रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। यह निर्णय मानसून के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।इसके अलावा धौलाधार पर्वत श्रृंखला के 10 चिन्हित ट्रेकिंग मार्गों पर 15 अक्टूबर तक बिना पंजीकरण किसी भी ट्रैकर को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने ट्रेकिंग को पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया है,बल्कि इसे नियंत्रित और सुरक्षित बनाने के लिए पंजीकरण व्यवस्था अनिवार्य की है।निर्देशों के अनुसार प्रत्येक ट्रैकर को जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्थापित पंजीकरण केंद्रों पर अपना नाम,मोबाइल नंबर,साथ जाने वाले सदस्यों की संख्या,आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का विवरण और अधिकृत ट्रेकिंग गाइड की जानकारी दर्ज करानी होगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में ट्रैकर्स तक शीघ्र सहायता पहुंचाना और उनकी लोकेशन का रिकॉर्ड बनाए रखना है।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जारी आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति या पंजीकरण के ट्रेकिंग करता है और उसके लिए बचाव अभियान चलाना पड़ता है,तो रेस्क्यू ऑपरेशन का पूरा खर्च उसी व्यक्ति से वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।प्रशासन ने पर्यटकों, स्थानीय लोगों और ट्रैकर्स से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें,अधिकृत गाइड की सेवाएं लें और निर्धारित नियमों का पालन करते हुए ही किसी भी एडवेंचर गतिविधि में भाग लें, ताकि मानसून के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
