शिमला,संजू–:हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मानसून के एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 18 जुलाई से प्रदेश में मानसून दोबारा रफ्तार पकड़ेगा और इसके साथ ही कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।विभाग ने 20 और 21 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है,जबकि 18 और 19 जुलाई को कई क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 12 जुलाई के बाद प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कमजोर हो गई थीं,जिससे बारिश में कमी आई और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि अब मौसम प्रणाली फिर से सक्रिय हो रही है और 18 जुलाई से बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। यह सिलसिला 23 जुलाई तक जारी रह सकता है।विभाग के अनुसार कांगड़ा,चंबा,कुल्लू,मंडी,शिमला,सिरमौर और बिलासपुर जिलों में भारी बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा सोलन,किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है।लगातार होने वाली वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन,मलबा गिरने और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी भी जारी की है। 18 से 23 जुलाई के बीच नदी-नालों और अन्य जल स्रोतों से दूरी बनाए रखने, संवेदनशील इलाकों की यात्रा से बचने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। विभाग ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को भी संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने को कहा है।बारिश में कमी के कारण पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर बढ़ गया है। कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि 17 जुलाई तक तापमान में बढ़ोतरी बनी रह सकती है, लेकिन 18 जुलाई से बारिश शुरू होने के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आने की संभावना है।
मानसून के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जून से 14 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि जुलाई माह में अब तक सामान्य से लगभग 12 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस दौरान किन्नौर, कुल्लू, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है,जबकि हमीरपुर और लाहौल-स्पीति में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है।मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि मानसून की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।यदि मौसम प्रणाली और मजबूत होती है तो 18 और 19 जुलाई के लिए जारी येलो अलर्ट को भी आगे चलकर अपडेट किया जा सकता है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
