शिमला,संजू -:प्रदेश सरकार और कांग्रेस संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास ‘ओक ओवर’ से ‘भोजन संवाद’ कार्यक्रम की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों और जनहित से जुड़े मुद्दों को समझना है, ताकि सरकार की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। कार्यक्रम के पहले चरण में पच्छाद और चौपाल विधानसभा क्षेत्रों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इस दौरान चौपाल से कांग्रेस नेता हरिकृष्ण हिमराल, रजनीश किमटा और विनोद जिंटा तथा पच्छाद से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर और दयाल प्यारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ भोजन करते हुए उनकी बात सुनी तथा कई मुद्दों पर मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन सरकार की सबसे मजबूत कड़ी है और कार्यकर्ताओं से मिलने वाला प्रत्यक्ष फीडबैक भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ‘भोजन संवाद’ कार्यक्रम केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि संगठन और सरकार के बीच विश्वास तथा संवाद को मजबूत करने की एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के साथ चरणबद्ध तरीके से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भोजन के साथ अनौपचारिक माहौल में होने वाला यह संवाद स्थानीय समस्याओं, विकास कार्यों की प्रगति और सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझने का बेहतर माध्यम बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि कार्यकर्ता बिना किसी झिझक के अपनी बात रखें, ताकि प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सुधार किए जा सकें। उन्होंने दोहराया कि जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता है और कार्यकर्ताओं के सुझावों को नीति निर्माण में उचित महत्व दिया जाएगा।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। हाल ही में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की घटना पर उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के साथ बल प्रयोग उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि छात्रों की बात सुनने और समय रहते संवाद स्थापित करने की आवश्यकता थी, ताकि ऐसी स्थिति उत्पन्न ही न होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और युवाओं की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए। वहीं पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दोषियों को कानून के दायरे में लाया है तथा भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना और प्रशासनिक व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत करना है।
