कैथल-:हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डिलर्स एसोसिएशन की ओर से रविवार को कैथल में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई।बैठक में प्रदेशभर से राइस मिलर्स और डिलर्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने की।आगामी धान सीजन को लेकर बैठक में सीएमआर की नई नीति,एक्सटेंशन,लंबित कार्य एवं भुगतान, विभागीय समस्याओं तथा एफसीआई से जुड़े विभिन्न मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मिलर्स ने पिछले धान सीजन से जुड़ी समस्याओं का अब तक समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई। मिलर्स के अनुसार करीब 6 लाख मीट्रिक टन चावल अभी भी राइस मिलों में पड़ा हुआ है,जिसके चलते आगामी सीजन को लेकर मिलर्स असमंजस की स्थिति में हैं।उनका कहना है कि पुराने स्टॉक का समाधान किए बिना नए सीजन में काम शुरू करना उनके लिए मुश्किल होगा।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि सरकार को अतिरिक्त सीएमआर की खरीद सहित मिलर्स की लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में मिलर्स सीएमआर का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएंगे और धान की खरीद में भाग नहीं लेंगे।उन्होंने कहा कि मिलर्स किसानों के हितों के खिलाफ नहीं हैं।धान का सीजन नजदीक है और किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंचेंगे। ऐसे में किसानों की फसल की बेकद्री न हो,इसके लिए मिलर्स खरीद एजेंसियों को अपने मिलों के फड़ उपलब्ध करवाने तथा आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं।हालांकि, धान खरीद एजेंसियों के फड़ों पर रखी धान की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की ही होगी। मांगों का समाधान होने तक मिलर्स स्वयं धान खरीद प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।बैठक में प्रदेशभर से पहुंचे मिलर्स ने संगठन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि सभी मांगों को लेकर एक मंच से सरकार के समक्ष मजबूती से आवाज उठाई जाएगी।बैठक में “एक आवाज,एक संगठन और एक संघर्ष” का संदेश दिया गया।अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने के बाद ही आगामी धान सीजन में सीएमआर रजिस्ट्रेशन और धान खरीद को लेकर संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।
