फरीदाबाद, अनिल मंगला -: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और मिडिल ईस्ट में बने तनावपूर्ण हालात का असर अब देश के आम लोगों की जेब पर भी दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद लोगों को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी दिल्ली सहित आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब तीन रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बावजूद फरीदाबाद में कई लोग परिस्थितियों को समझते हुए ईंधन की बचत और जिम्मेदारी के साथ वाहन उपयोग करने की बात कहते नजर आए।
पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहन चालकों की आवाजाही बनी रही। लोगों ने माना कि बढ़ती कीमतों का असर घरेलू बजट पर जरूर पड़ता है, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए सभी को धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए। कई लोगों ने निजी वाहनों का कम उपयोग करने और जरूरत पड़ने पर ही सफर करने की बात कही।पेट्रोल भरवाने पहुंचे सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर हर देश पर पड़ता है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ईंधन बचाने की अपील कर रही है तो लोगों को उसका समर्थन करना चाहिए। उनका मानना है कि ईंधन की कम खपत से न केवल आर्थिक बचत होगी बल्कि प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। उन्होंने लोगों से अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने की अपील की।
वहीं बाइक चालक गोपाल ने बताया कि उन्होंने अब कार की बजाय बाइक का इस्तेमाल बढ़ा दिया है ताकि ईंधन की खपत कम हो सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सभी नागरिकों को जिम्मेदारी दिखानी चाहिए और देशहित में संसाधनों की बचत करनी चाहिए। उनके अनुसार छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके भी बड़ा योगदान दिया जा सकता है।एक अन्य वाहन चालक प्रमोद शर्मा ने कहा कि कीमतें बढ़ने से आम आदमी प्रभावित जरूर होता है, लेकिन हर व्यक्ति को हालात को समझते हुए संयम बरतना होगा। उन्होंने कहा कि यदि लोग साझा यात्रा, सार्वजनिक परिवहन और सीमित वाहन उपयोग को अपनाएं तो इससे काफी राहत मिल सकती है।
पेट्रोल पंप मैनेजर प्रदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में लगभग तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों को भारी वाहनों का कम इस्तेमाल करना चाहिए तथा जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम जैसी सुविधाओं का उपयोग करना चाहिए। उनके अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में ईंधन बचत ही सबसे बड़ा समाधान है।
