शिमला-:मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज पांगी घाटी में प्राकृतिक खेती से उत्पादित सेबों को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘पांगी एप्पल’ ब्रांड का शुभारंभ किया।इस पहल से पांगी के सेबों को अपनी विशिष्ट पहचान मिलेगी और स्थानीय उत्पादों के लिए अलग बाजार विकसित करने में मदद मिलेगी।प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांगी उपमंडल को प्रदेश का पहला प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया गया है।यह पहल क्षेत्र में टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित करेगी। इससे दूरदराज के जनजातीय क्षेत्र को विकास और जीवन स्तर के मामले में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के समकक्ष लाने में भी सहायता मिलेगी।उन्होंने बताया कि पांगी घाटी में लगभग 370 हेक्टेयर भूमि पर सेब के 1,04,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं।इस सीजन में यहां करीब 550 मीट्रिक टन सेब उत्पादन होने की उम्मीद है,जो लगभग 35,000 पेटियों के बराबर है। इससे पहले पांगी में उत्पादित सेब घाटी से बाहर ‘कुल्लू एप्पल’ या ‘किन्नौर एप्पल’ के नाम से ब्रांडिंग किए गए कार्टन में भेजे जाते थे।इसके कारण पांगी के सेबों को अपनी अलग पहचान नहीं मिल पाती थी।
इस समस्या के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने ‘पांगी एप्पल’ ब्रांड के विशेष कार्टन तैयार करवाए हैं।ये कार्टन 10 और 20 किलोग्राम की क्षमता में उपलब्ध होंगे तथा किसानों को इनकी खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।इस कदम से पांगी के सेबों की अलग पहचान स्थापित होगी और प्राकृतिक खेती से उत्पादित फलों की बाजार में मांग बढ़ाने में मदद मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि पांगी को प्राकृतिक खेती के माध्यम से प्रदेश का पहला रसायन-मुक्त उपमंडल बनाने की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है।इससे क्षेत्र के लगभग 6,300 कृषक परिवारों की आजीविका को मजबूती मिलेगी। साथ ही, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर विपणन करने के अवसर प्राप्त होंगे।इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी,राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया,उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, आवासीय आयुक्त अमनदीप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
