शिमला-:राजधानी शिमला की लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने 2200 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परिवहन अवसंरचना योजना तैयार की है।एशियाई विकास बैंक (ADB) की वित्तीय सहायता से प्रस्तावित इस योजना के तहत शहर में सात प्रमुख परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें सुरंगें,फ्लाईओवर, वायाडक्ट,केबल-स्टे ब्रिज और वैकल्पिक सड़कें शामिल हैं।इन परियोजनाओं को लेकर सोमवार को होटल हॉलीडे होम में हिमाचल प्रदेश रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPRIDCL) ने पहली हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की। बैठक में परियोजनाओं की तकनीकी रूपरेखा, संभावित लाभ और निर्माण प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों से सुझाव लिए गए।
IGMC टनल को फोरलेन से जोड़ने की संभावनाओं का होगा दोबारा अध्ययन
स्थानीय विधायक हरीश जनारथा ने कहा कि प्रस्तावित टॉलैंड-आईजीएमसी टनल का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा,जब इसे फोरलेन हाईवे से भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सुरंग से ट्रैफिक का दबाव कम नहीं होता और यात्रा दूरी में कमी नहीं आती,तो परियोजना का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।उन्होंने HPRIDCL से टनल को फोरलेन से जोड़ने की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) का दोबारा अध्ययन कराने का आग्रह किया।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि आईजीएमसी जंक्शन से सेंट बीड्स कॉलेज के समीप आईपीएच पंप हाउस तक तथा हिमफेड पेट्रोल पंप के पास स्थित एचपी पीडब्ल्यूडी हट्स से निगम विहार तक दो नई सुरंगें प्रस्तावित हैं। परियोजना के तहत प्राप्त सुझावों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।यातायात अध्ययन के अनुसार आईजीएमसी टनल परियोजना पूरी होने के बाद वर्ष 2032 तक आईजीएमसी जंक्शन-संजौली मार्ग पर लगभग 27 प्रतिशत तथा नवबहार-संजौली मार्ग पर करीब 36 प्रतिशत तक ट्रैफिक कम होने की संभावना है। इससे शहर के व्यस्त मार्गों पर जाम में कमी आएगी और लोगों का यात्रा समय भी घटेगा।अधिकारियों ने बताया कि STRIDe (Sustainable Transport, Resilience and Integrated Development in Himachal Pradesh) परियोजना के तहत चक्कर बाईपास और एमएलए क्रॉसिंग पर वायाडक्ट, रेलवे पार्किंग से होटल हॉलीडे होम तक केबल-स्टे ब्रिज, विक्ट्री टनल जंक्शन पर वायाडक्ट,मंजीयाठ में एंबुलेंस रोड, मेहली-प्रीतनगर से लवासा चौकी सड़क उन्नयन और पैदल यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि विधानसभा के समीप निर्माणाधीन फ्लाईओवर का कार्य तेजी से चल रहा है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने से शहर के प्रमुख मार्ग पर ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।HPRIDCL ने बताया कि परियोजनाओं की योजना तैयार करने से पहले विक्ट्री टनल, टॉलैंड, छोटा शिमला, आईजीएमसी,बाईपास और कुफरी रोड सहित कई स्थानों पर ड्रोन आधारित यातायात सर्वे कराया गया। सर्वे में संजौली जंक्शन पर प्रतिदिन 27,266, छोटा शिमला में 24,967 और विक्ट्री टनल पर 37,734 वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई,जिसके आधार पर परियोजनाओं का खाका तैयार किया गया।बैठक में महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल,डीएसपी वरुण पटियाल, पार्षद ममता चंदेल,पार्षद मीनू चौहान, पार्षद आलोक पठानिया, HPRIDCL के निदेशक पवन शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और अन्य हितधारक उपस्थित रहे।
