Ambala, 31 July
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने श्रम विभाग में बड़े घोटाले की आशंका जताई है। फिलहाल 6 जिलों की जांच में फर्जी रजिस्ट्रेशन सामने आए हैं, जिसके बाद श्रम विभाग के तीन निरीक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, हरियाणा के सभी जिलों में उपायुक्तों को जांच के आदेश दिए गए हैं।
फर्जी रजिस्ट्रेशन का खुलासा
अनिल विज ने बताया कि श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। श्रम विभाग में रजिस्टर्ड श्रमिकों को शादी, बच्चों की पढ़ाई और बीमारी जैसी सुविधाएं दी जाती हैं, लेकिन यह सुविधा केवल उन्हीं को मिलती है जिन्होंने 90 दिन काम किया हो।
जांच में पता चला कि एक कर्मचारी ने 90,000 और दूसरे ने 86,000 श्रमिकों को वेरीफाई किया, जो किसी भी सूरत में संभव नहीं है।विज ने कहा कि शुरुआती जांच में ही फर्जी रजिस्ट्रेशन सामने आए हैं और पूरे प्रदेश में जांच के बाद कई और नाम सामने आ सकते हैं।मंत्री ने आशंका जताई कि यह घोटाला कई हजार करोड़ का हो सकता है।
हरियाणा रोडवेज की बसें अब हर गांव तक
ट्रांसपोर्ट विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे अनिल विज ने ग्रामीणों को राहत देते हुए बड़ा फैसला लिया है।अब हरियाणा रोडवेज की बसें राज्य के 6500 गांवों तक जाएंगी।विज का कहना है कि विभाग का काम कमाई करना नहीं, बल्कि लोगों को सेवा देना है।इसलिए भले ही किसी गांव से एक ही सवारी मिले, वहां भी रोडवेज की बस जाएगी।अधिकारियों ने इसके लिए रूट फाइनल कर दिया है।
