आज-कल देखा जाए तो सब कुछ डिजिटल होने पर अक्सर लोग work from home का सहारा लेते हैं। कई कंपनियां भी ऑनलाइन वर्क के लिए अपनी कंपनी elaborate और विभिन क्षेत्रों में फ़ैलाने के लिए लोग अपने साथ जोड़ती है। यह तकनीक काफी समय से चल रही है, देश विदेश में lockdown लागू होने पर कर्मचारियों एंव कंपनियों को भरा नुकसान हुआ था। इसलिए कंपनी ने वर्चुअल मीटिंगस का सहारा लेकर लोगों को अपने साथ जोड़ा और अपनी कंपनियों का नुकसान पूरा किया।
कोरोना के बाद से हर किसी की निजी ज़िंदगी ऑनलाइन एंव वर्चुअल हो गई,स्कूल,दफ्तर सब ने ऑनलाइन classes एंव ऑनलाइन work zoom प्लेटफार्म का सहारा लेकर अपनाया, परंतु क्या आप जानतें है यह zoom meetings आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं ?

वैज्ञानियों अनुसार कैसे हो सकती है गूगल मीट एंव वर्चुअल मीटिंग्स आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक !
वैज्ञानियों अनुसार हद से ज़्यादा करी गई मीटिंग्स आपके लिए नुकसानदायक हैं, वैज्ञानियों की खोज अनुसार,खोज दौरान शोधकर्ताओं ने युनिवेर्सिटी के 35 विद्यार्थियों पर इलेक्ट्रोड डिवाइस लगाकर उनकी दिल दिमाग की गतिविधियों को नाप कर देखा,उनका मानना है की ज़्यादा मीटिंग्स का प्रयोग करने पर उन्होंने चेतावनी दर्ज की है,यह आपके दिमाग एंव आपकी तनाव की शक्ति पर दबाव डालने से आपको बीमार एंव आपकी सेहत को हानि पहुंचा सकती हैं।
शरीर में थकावट महसूस होती है।
आमने-सामने मीटिंग्स करने से ज़्यादा खतरनाक है-वीडियो कालिंग video conference,गूगल मीटिंग्स। इस से निकलने वाली radiations आपको बीमार करके थकावट महसूस करने पर मजबूर कर सकती हैं।
दिमाग,एंव दिल के लिए नुकसानदायक !
शोधकर्ताओं के अनुसार उनकी खोज में शामिल हुए विद्यार्थियों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थकान में जांच के लिए इन विधयर्थियों को जांच के लिए तैयार किया गया,इलेक्ट्रोड डिवाइस के माध्यम से विद्यार्थियों के दिल, दिमाग की स्कैनिंग करने के बाद यह पाया गया की जिन 50 min से अधिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए विद्यार्थियों के नर्वस सिस्टम में तब्दीलियों का अनुभव हुआ। जिसके खरं वह काफी ज़्यादा खामोश एंव अपने को काफी थका महसूस कर रहे थे एंव वह ध्यान देने के योग नहीं थे।
वैज्ञानियों के अनुसार काफी देर तक की गई वीडियो कांफ्रेंस,वीडियो कॉल्स एंव गूगल मीटिंग आपकी दिल दिमाग की सेहत के लिए हैं नुकसानदायक !
