चम्बा : मंजूर पठान ( TSN)- शिक्षकों की कमी से जूझ रही राजकीय प्राथमिक पाठशाला भराड़ा प्रथम में विद्यार्थी पढ़ाई करने नहीं पहुंच रहे हैं। अभिभावक बच्चों को भेजने के बजाय खुद स्कूल में डेरा डाल रहे हैं और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसका कारण स्कूल में शिक्षकों के पद खाली होना है। उन्होंने कहा कि सरकार और विभाग अभिभावकों के सब्र का इम्तिहान ले रहे हैं। बार-बार मांग उठाने के बावजूद शिक्षकों के पद नहीं भरे जा रहे हैं।
पांच कक्षाओं को पढ़ाने के लिए एक ही शिक्षक तैनात
दरअसल, स्कूल में पांच कक्षाओं को पढ़ाने के लिए एक ही शिक्षक तैनात है, जबकि विद्यार्थियों की संख्या 82 है। इन दिनों स्कूलों में एफए द्वितीय की परीक्षाएं चल रही हैं। अभिभावकों ने कहा कि स्कूल में शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में उन्होंने स्कूल में आकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने की राह चुनी है। वे शिक्षकों की तैनाती को लेकर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। जब तक शिक्षकों की तैनाती नहीं हो जाती, तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन ऐसे ही चलता रहेगा।
अभिभावकों ने कहा कि स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर कई बार सरकार और विभाग से आवाज उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक सुध नहीं ली गई है। अभिभावकों ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक स्कूल में अध्यापक नहीं पहुंचेंगे, तब तक रोजाना स्कूल परिसर में डेरा डालेंगे और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेंगे।
कई बार सरकार और विभाग को बताया.. नहीं मिला समाधान
अभिभावकों ने कहा कि स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर कई बार सरकार और विभाग से आवाज उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक सुध नहीं ली गई है। अभिभावकों ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक स्कूल में अध्यापक नहीं पहुंचेंगे, तब तक रोजाना स्कूल परिसर में डेरा डालेंगे और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेंगे।उन्होंने कहा कि स्कूल में एक ही अध्यापक होने से बच्चों की पढ़ाई अच्छी तरह नहीं हो रही है। इससे बच्चों का भविष्य भी खराब हो रहा है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष योगराज, सदस्य नंदलाल, हिना, पुष्पा, अजय कुमार, मुकेश कुमार, बीना देवी, वार्ड सदस्य परशुराम, प्रदीप कुमार, कुलदीप कुमार, लेख राज और केवल कृष्ण ने सरकार से मांग की है कि स्कूल में अध्यापकों की तैनाती की जाए।
खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी का कहना ये
उधर, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सूरत राम ने बताया कि विभाग को इस बारे में अवगत करवाया गया है। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों से भी आह्वान किया जा रहा है कि वे बच्चों को स्कूल भेजें।अभिभावकों का कहना है कि स्थानीय नेताओं को भी इस बारे में अवगत करवाया जा चुका है परंतु किसी भी नेता ने आज तक स्कूल में चल रही व्यवस्था को ठीक करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ऐसे में बच्चों के भविष्य दिन प्रतिदिन अंधकार में डूब रहे हैं।
