मंडी, धर्मवीर ( TSN)- पूरे देश सहित हिमाचल प्रदेश में भी पशुओं की 21वीं गणना शुरू हो गई है। प्रदेश हिमाचल में इस बार पहाड़ी गायों की अलग से गणना की गणना की जाएगी। जिनके लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किया है। इससे पहले प्रदेश में कभी भी पहाड़ी गायों की अलग से गणना नही की गई है और इसी कारण प्रदेश सरकार के पास पहाड़ी गायों का कोइ डाटा मौजूद नहीं है। विभाग द्वारा पहले गाय में सिर्फ देसी और विदेशी नस्लें ही काउंट की जाती थी। 21वीं गणना में एक खास बात और है कि इस बार मोबाइल के जीपीएस सिस्टम के माध्यम से पशुओं की यह गणना की जा रही हैै। वहीं इस पशु गणना में सड़कों व गलियों में घुम रहे आवारा कुत्तों व बेसहारा पशुओं को भी शामिल किया गया है।
पहले गाय की सिर्फ दो ही नस्लों की होती थी गणना
जीपीएस सिस्टम के माध्यम से होने वाली इस गणना में सरकार व विभाग के पास पशुओं का इस बार रियल टाइम डेटा सामने आएगा। पशु पालन विभाग जिला मंडी के उपनिदेशक डा. अतुल पुरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार नस्ल विशेष की गणना को प्रमुखता दी गई है ताकि हर नस्ल का अलग से डाटा तैयार किया जा सके। पहाड़ी गायों को पहली बार अलग नस्ल में शामिल किया गया है जिससे उनका पूरा डाटा एकत्रित होगा। इस गणना के बाद जो डाटा तैयार होगा फिर भविष्य में उसी के तहत सरकार द्वारा पहाड़ी गायों के लिए विशेष प्रकार की योजनाएं बनाई जाएंगी। डा. पुरी ने बताया कि पहाड़ी गाय के अलावा अन्य पशुओं की भी जो स्थानीय नस्लें होंगी उनका डाटा भी अलग से बनाया जाएगा। इसके लिए गणना में इस बार विशेष प्रावधान किया गया है।
65 सुपरिवाइज्र और 522 फार्मासिस्ट डटें हैं मैदान में
वहीं डा. अतुल पुरी ने बताया कि इस बार की गणना जीपीएस आधारित हो रही है। इसलिए इस बात की कोई शंका शेष नहीं रहेगी कि पशुओं की गणना मौके पर जाकर नहीं की गई है। जीपीएस के तहत गणना के लिए जाने वाली हर टीम की लोकेशन ट्रेक की जा रही है और मौके से ही यह सारा डाटा एकत्रित किया जा रहा है। इस बार की गणना से स्टीक आंकड़े आएंगे। इस कार्य के लिए पशु पालन विभाग ने जिला भर में 65 सुपरिवाइज्र और 522 फार्मासिस्टों को तैनात किया है जो घर-घर जाकर पशु गणना का कार्य कर रहे हैं। यह कार्य 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरा किया जाएगा।
बतां दे कि विभाग की अधिकारिक बेबसाइट से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2029 में हुई 20वीं पशु गंणना के आधार पर 59 लाख से ज्यादा पशु हैं। जिसमें 18.29 गाय, 6047 भैंसे, 7.91 भेंडे, 11.08 बकरियां, 1.84 कुत्ते, कुक्कुट 13.42 व 0.39 लाख अन्य पशु हैं। 21वीं पशु गणना पूरे देश भर में 1 सिंतबर से शुरू हो गई है, जो 31 दिंसबर तक चलेगी।
