Shimla,Sanju(TSN)-फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना को लेकर हिमाचल की राजनीति गर्मा गई है।नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित इस योजना की टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही। उन्होंने दावा किया कि जल शक्ति विभाग ने “जॉइंट वेंचर” को रोककर एकतरफा लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।
सरकार कर रही है अपनों को फायदा पहुंचाने की कोशिश
जयराम ठाकुर ने कहा कि जब केंद्रीय एजेंसियां 100 करोड़ से ऊपर की परियोजनाओं में जॉइंट वेंचर की इजाज़त देती हैं, तो 293 करोड़ की फिन्ना सिंह परियोजना में यह छूट क्यों नहीं? क्या सरकार किसी ख़ास को फायदा पहुंचाने की मंशा रखती है?”उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह सरकार की आदत बन चुकी है कि वह टेंडर शर्तों में बदलाव कर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाती है – चाहे वह स्कूली बच्चों की बोतल खरीद हो, शिमला की जल परियोजनाएं, या पेखुवेला का विवादित सोलर प्रोजेक्ट।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पेखुवेला प्रकरण में महाप्रबंधक विमल नेगी की संदिग्ध मृत्यु के बावजूद सरकार सीबीआई जांच से बच रही है,जो चिंताजनक है।फिन्ना सिंह परियोजना के महत्व पर जयराम ठाकुर ने कहा कि इसे केंद्र ने अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मंजूरी दी।
परियोजना का कुल बजट 284 करोड़ है,जिसमें 90% केंद्र और 10% राज्य हिस्सेदारी है।फरवरी 2025 में केंद्र द्वारा 67.5 करोड़ की पहली किश्त जारी की जा चुकी है. परियोजना पूरी होने पर 60 गांवों की 4025 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
