Hamirpur,15 June-सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर महिला सशक्तिकरण की अनदेखी और परिवारवाद को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है।उन्होंने कहा कि ढाई साल की सत्ता के बावजूद कांग्रेस सरकार ने महिलाओं को बोर्डों, निगमों और आयोगों में कोई अहम जिम्मेदारी नहीं सौंपी है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में हजारों मेहनती महिला कार्यकर्ताओं ने पार्टी को सत्ता में लाने में अहम योगदान दिया, लेकिन उन्हें आज भी उचित मान-सम्मान और भागीदारी नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केवल अपने करीबियों और परिवार तक सीमित रह गए हैं, जिससे पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
“महिला सशक्तिकरण बना दिखावा”
राणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार महिलाओं को केवल आयोजनों और नारों तक सीमित रख रही है, जबकि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। उन्होंने इसे महिला शक्ति के साथ विश्वासघात बताया।
भाजपा दे रही है असली भागीदारी
केंद्र की भाजपा सरकार की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंचायतों से लेकर संसद तक महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिला है। राणा ने पूछा कि क्या कांग्रेस में एक भी महिला ऐसी नहीं थी, जिसे सरकार में स्थान दिया जा सके?
लोकतंत्र के साथ मज़ाक
राजेंद्र राणा ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि महिला नेतृत्व को नजरअंदाज करना संघर्षशील महिलाओं के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस सरकार महिला कार्यकर्ताओं को न्याय दे और उन्हें सरकार में वास्तविक भागीदारी दिलाए।सकता हूँ।
