चंडीगढ़-:महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित करने के उद्देश्य से हरियाणा लोक भवन में आयोजित भव्य समारोह ‘मॉमप्रेन्योर्स–मातृ शक्ति सम्मान 2026’ में देशभर की 42 विशिष्ट महिला उपलब्धि धारकों को सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम का आयोजन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम ने फेममॉमप्रेन्योर्स राइजिंग स्टार के सहयोग से किया।समारोह में उन महिलाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने उद्यमिता, शिक्षा, कला, खेल, मीडिया, स्वास्थ्य सेवा, समाजसेवा और नेतृत्व जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इन महिलाओं ने अपने पेशेवर जीवन में सफलता प्राप्त करने के साथ-साथ परिवार और मातृत्व की जिम्मेदारियों का भी उत्कृष्ट निर्वहन किया है, जिससे वे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण किसी भी राष्ट्र के समावेशी और सतत विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल परिवारों का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करती हैं। उनके योगदान को पहचानना और सम्मानित करना समाज के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्यपाल ने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। चाहे शिक्षा हो, व्यवसाय हो, विज्ञान हो या खेल, भारतीय महिलाओं ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान देकर ही एक मजबूत एवं प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि पीएचडीसीसीआई ने इस सम्मान समारोह के माध्यम से समाज के एक महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि सम्मानित होने वाली सभी महिलाएं संघर्ष, समर्पण और नेतृत्व की जीवंत मिसाल हैं। उनकी उपलब्धियां लाखों अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का कार्य करेंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पिछले एक दशक में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव समाज में दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई विशेष योजनाओं का संचालन कर रही है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल सम्मानित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया और नेतृत्व के अवसरों में भी समान भागीदारी देनी होगी। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
पीएचडीसीसीआई के रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम की चेयरपर्सन हिमानी अरोड़ा ने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने वाली महिलाओं को उचित पहचान और सम्मान मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं मातृत्व और अपने पेशेवर दायित्वों के बीच संतुलन बनाकर सफलता हासिल करती हैं, वे वास्तविक अर्थों में महिला सशक्तिकरण की प्रतीक हैं।उन्होंने कहा कि माताएं केवल परिवार का पालन-पोषण ही नहीं करतीं, बल्कि वे नवाचार, नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन की भी महत्वपूर्ण वाहक होती हैं। उनके योगदान को पहचानना और प्रोत्साहित करना एक समावेशी तथा आत्मनिर्भर समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।
फेममॉमप्रेन्योर्स राइजिंग स्टार की संस्थापक मीतू पुरी के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में अनेक प्रतिष्ठित महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालों में पंजाबी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मश्री निर्मल ऋषि, लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी, अर्जुन पुरस्कार विजेता और भारत की पहली महिला राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक विजेता पहलवान गीता फोगट, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण, वरिष्ठ पत्रकार रुबिका लियाकत तथा राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेखा शर्मा जैसी प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल रहीं।
हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का साहस, धैर्य और समर्पण समाज को नई दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं अपने पारिवारिक और व्यावसायिक दायित्वों को समान दक्षता के साथ निभाते हुए नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।समारोह में अनेक जानी-मानी हस्तियों ने भी भाग लिया। सम्मानित महिलाओं में आहूजासन्स की मुख्य खुदरा अधिकारी अंजू आहूजा, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की प्रबंध निदेशक उपासना अरोड़ा, अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नूपुर श्योराण, प्रसिद्ध साड़ी ड्रेपिंग विशेषज्ञ डॉली जैन सहित कई उद्यमी, शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थीं।
इस अवसर पर पीएचडीसीसीआई और फेममॉमप्रेन्योर्स राइजिंग स्टार की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, प्रथम महिला मित्रा घोष तथा मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी सुमन सैनी को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।पीएचडीसीसीआई पंजाब राज्य चैप्टर के चेयरमैन करण गिलहोत्रा ने कहा कि यह मंच उन महिलाओं के सम्मान के लिए समर्पित है जिन्होंने चुनौतियों का सामना करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाएं न केवल अपने परिवारों बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
पीएचडीसीसीआई के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल नवीन सेठ ने सभी सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि ‘मातृ शक्ति सम्मान’ केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उन महिलाओं के संघर्ष, नेतृत्व, समर्पण और उत्कृष्ट योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि ये महिलाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं और सामाजिक तथा आर्थिक विकास की प्रक्रिया को गति प्रदान कर रही हैं।कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी सुमन सैनी, पीएचडीसीसीआई की सीनियर रीजनल डायरेक्टर भारती सूद सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह ने महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व और सामाजिक विकास के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।
