करनाल|राकेश कुमार शर्मा -:हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज मंगलवार को करनाल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश के पूर्व उद्योग मंत्री शशिपाल मेहता के आवास पर पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कांग्रेस, संसद की मर्यादा,हालिया आंदोलनों,पुलिस कार्रवाई, अमृतपाल समर्थकों के प्रदर्शन और पंजाब पेपर लीक मामले सहित कई समसामयिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
अनिल विज ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी जनता का विश्वास खो चुकी है और अब युवाओं को भड़काकर अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि आज का युवा जागरूक है और किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है।हालिया आंदोलन का जिक्र करते हुए विज ने कहा कि युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई,जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी मांगों को स्वीकार कर संवेदनशीलता का परिचय दिया।उन्होंने कहा कि पहले आंदोलनों में लाठीचार्ज और गोलीबारी जैसी घटनाएं देखने को मिलती थीं, लेकिन मौजूदा सरकार ने संवाद और समाधान का रास्ता अपनाया।गांधी परिवार पर भी हमला बोलते हुए विज ने कहा कि जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है,लेकिन इसके बावजूद पार्टी देश का माहौल खराब करने की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छोटे-छोटे विवादों को बड़ा बनाकर अस्थिरता पैदा करने का प्रयास करती है।संसद के बाहर नेताओं के विवादित बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद और संघर्ष स्वाभाविक हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों को हमेशा भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि उनके आचरण से देश की छवि जुड़ी होती है।आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं पर उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में यह युवाओं का आंदोलन था,लेकिन बाद में राजनीतिक दल और असामाजिक तत्व भी इसमें शामिल हो गए।उन्होंने कहा कि यदि किसी युवा के साथ अन्याय हुआ है तो सरकार ने उसकी बात सुनी है,लेकिन आंदोलन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों को भी न्याय मिलना चाहिए और हिंसा करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
चंडीगढ़ में अमृतपाल समर्थकों के प्रदर्शन पर विज ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश से पुलिस सख्ती से निपटेगी। वहीं पंजाब के पेपर लीक मामले पर उन्होंने आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग पहले दूसरे राज्यों में ऐसे मामलों पर सवाल उठाते थे,वे अब अपने राज्य में हुई घटनाओं पर चुप्पी साधे हुए हैं।
