शिमला,संजू -:मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने राम मंदिर चंदा मामले को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर हुए कथित चंदा घोटाले से देशभर के हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
नरेश चौहान ने कहा कि प्रभु राम के चरणों में श्रद्धालुओं द्वारा आस्था के साथ चढ़ाई गई धनराशि की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन लोगों पर थी, उन्हीं पर चोरी के आरोप लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि 40 दिनों में 70 बार चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, जो व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए इसकी जांच केवल एसआईटी नहीं बल्कि किसी सिटिंग जज की निगरानी में करवाई जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से चंदा एकत्र किया गया और भाजपा ने राम मंदिर के मुद्दे पर राजनीति करते हुए सत्ता हासिल की, लेकिन अब इस मामले पर जवाब देने से बच रही है। चौहान ने आरोप लगाया कि भाजपा देश की जनता के साथ धोखा कर रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
नरेश चौहान ने कहा कि देश में भगवान राम को मानने के लिए किसी को भाजपा से प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भाजपा को सद्बुद्धि देने की कामना के साथ राम मंदिर और हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अब राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत रॉय भी कह रहे हैं कि उनका मुंह न खुलवाया जाए।वहीं भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में कांग्रेस सरकार के खिलाफ चार्जशीट लाने के सवाल पर नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा को चार्जशीट लाने से कौन रोक रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर होता यदि भाजपा प्रदेश हितों और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करती। लेकिन चार्जशीट की राजनीति भाजपा के भीतर चल रहे गुटबाजी के संकेत देती है। उन्होंने भाजपा से केवल विरोध की राजनीति छोड़कर सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विपक्ष बंटा हुआ और मुद्दा विहीन है।
