धर्मशाला,राहुल-:मानसून के दौरान कांगड़ा जिले के प्रमुख ट्रैकिंग मार्गों पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।अब जिले के 10 प्रमुख ट्रैकिंग रूटों पर बिना पंजीकरण किसी भी ट्रैकर को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।इसके लिए विभिन्न स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित की जाएंगी,जहां ट्रैकर्स का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा और मौसम की स्थिति के अनुसार उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि इन चेक पोस्टों पर आपदा प्रबंधन टीम,स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय प्रशासन मिलकर कार्य करेंगे। प्रत्येक ट्रैकर का पंजीकरण अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति,खराब मौसम या रास्ता भटकने की स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष शुरू की गई इस व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आए थे और रेस्क्यू कॉल की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई थी।उन्होंने कहा कि यदि मौसम विभाग की चेतावनी या स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर किसी ट्रैकिंग रूट पर खतरे की आशंका होगी तो ट्रैकर्स को आगे जाने से रोक दिया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य ट्रैकिंग गतिविधियों पर रोक लगाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करना है।
उपायुक्त ने बताया कि सभी चेक पोस्ट प्रतिदिन सुबह पांच बजे से शाम पांच बजे तक संचालित रहेंगी।फिलहाल यह व्यवस्था सितंबर माह तक प्रभावी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान ट्रैकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध संभव नहीं है, क्योंकि जिले के कई धार्मिक स्थल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए ट्रैकिंग और धार्मिक यात्राओं को नियंत्रित एवं सुरक्षित तरीके से संचालित करेगा।
