ऊना,राकेश-:मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश और संभावित प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ऊना ने 30 सितंबर तक निजी विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए किसी भी प्रकार के पहाड़ी कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।जिला दंडाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष जतिन लाल द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।प्रशासन के अनुसार जिले में मानसून सक्रिय होने के बाद लगातार वर्षा के कारण कई स्थानों पर नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं।ऐसे में आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम उठाया गया है।
आदेशों में कहा गया है कि मानसून के दौरान अनियोजित पहाड़ी कटान और निर्माण गतिविधियों से भू-संरचना कमजोर हो सकती है,जिससे भूस्खलन, भवनों और अन्य आधारभूत ढांचों को नुकसान पहुंचने के साथ जन-धन की हानि का जोखिम बढ़ जाता है।इसी को देखते हुए जिले के संवेदनशील क्षेत्रों और आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा के लिए यह निर्णय लिया गया है।हालांकि, आपदा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य आवश्यक सार्वजनिक आधारभूत संरचनाओं के पुनर्निर्माण कार्य इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे। इनके अलावा किसी भी निजी निर्माण परियोजना के लिए पहाड़ी कटान की अनुमति नहीं होगी।जिला दंडाधिकारी ने सभी उपमंडल अधिकारियों (नागरिक) और कार्यपालक दंडाधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम,2005 की धारा 60 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
