शिमला,संजू–:हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान बंद हुई सड़कों को लेकर लोक निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है।लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दावा किया है कि प्रदेश में वर्तमान में बंद 138 सड़कों को अगले 48 घंटे के भीतर बहाल कर दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि सड़क बहाली के लिए विभाग की 535 मशीनरी ग्राउंड पर तैनात है और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश की सड़कों की स्थिति को लेकर विभाग लगातार अपडेट ले रहा है। प्राथमिकता के आधार पर उन सड़कों को खोला जा रहा है,जिनके बंद होने से किसानों,बागवानों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बारिश के कारण बाधित यातायात को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए।
बिटूमेन के दाम बढ़ने से टायरिंग का काम प्रभावित
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि बिटूमेन के दाम बढ़ने के कारण सड़कों की टायरिंग का काम प्रभावित हुआ है।उन्होंने कहा कि बढ़ी कीमतों के चलते कई ठेकेदारों ने काम करने से इनकार किया है। ऐसे में अब टायरिंग से जुड़े कई कार्य मानसून समाप्त होने के बाद पूरे किए जाएंगे।उन्होंने बिटूमेन की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध जैसी परिस्थितियों को भी एक कारण बताया।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बेहतर और टिकाऊ सड़क नेटवर्क के लिए प्रदेश में टनल निर्माण पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
294 सड़कों पर चल रहा PMGSY का काम
PMGSY के कार्यों को लेकर लोक निर्माण विभाग ने समीक्षा बैठक भी की।मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 294 सड़कों पर काम चल रहा है।हालांकि,कुछ मामलों के अदालत में विचाराधीन होने के कारण संबंधित परियोजनाओं में देरी हो रही है।विभाग इन मामलों में मजबूती से अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखेगा।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विभाग ने एक ठेकेदार को सात से अधिक काम आवंटित न करने का फैसला लिया है।यह मामला फिलहाल अदालत में है।उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य काम की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है।
भाजपा की राष्ट्रीय टीम में हिमाचल को प्रतिनिधित्व न मिलने पर सवाल
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में हिमाचल प्रदेश के किसी नेता को जगह नहीं मिलने पर भी विक्रमादित्य सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हिमाचल से किसी नेता को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती तो प्रदेश के लिए बेहतर संदेश जाता।उन्होंने कहा कि हिमाचल का राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय टीम में प्रदेश के किसी नेता को शामिल किया जाना उचित रहता।
IAS कैडर घटाने के फैसले का समर्थन
IAS कैडर कम करने के फैसले पर विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार का समर्थन किया।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लंबे समय से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि हिमाचल में अधिकारियों की संख्या अधिक है,जबकि कर्मचारियों की आवश्यकता बनी हुई है।इस संबंध में कैबिनेट सब-कमेटी भी अपनी रिपोर्ट दे चुकी है। विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक प्रशासनिक ढांचे में बदलाव से सरकारी व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ प्रदेश के खजाने पर पड़ने वाले बोझ को भी कम किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सरकार के फैसले की मंशा को समझने की जरूरत है। प्रदेश में प्रशासनिक और अन्य स्तरों पर अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता है और सरकार इसी दिशा में व्यवस्था को संतुलित करने का प्रयास कर रही है।
कुलदीप सिंह राठौर के समर्थन में उतरे विक्रमादित्य सिंह
कांग्रेस नेता कुलदीप सिंह राठौर और केहर सिंह खाची के बीच कथित विवाद को लेकर भी विक्रमादित्य सिंह ने बयान दिया।उन्होंने राठौर को मजबूत नेता बताते हुए उनका समर्थन किया।उन्होंने कहा कि कुछ जननेताओं को किसी औपचारिक परिचय की जरूरत नहीं होती,क्योंकि उनका दशकों का संघर्ष, संगठन के प्रति निष्ठा और समर्पण ही उनकी पहचान बन जाता है।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कुलदीप सिंह राठौर की राजनीतिक यात्रा छात्र राजनीति में NSUI के प्रांतीय स्तर से शुरू हुई और वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तथा AICC के राष्ट्रीय प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे।उन्होंने इसे उनकी सांगठनिक क्षमता और लंबे राजनीतिक अनुभव का प्रमाण बताया।उन्होंने कहा कि राठौर ने NSUI के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक की जिम्मेदारियों के दौरान संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया। कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में उन्होंने कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा पैदा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि संगठन को सर्वोपरि रखना कुलदीप सिंह राठौर की राजनीतिक पहचान रही है। उनके अनुसार हिमाचल की राजनीति में राठौर एक अनुभवी और प्रतिष्ठित नेता हैं, जिनका पार्टी संगठन के लिए लंबे समय से योगदान रहा है।
