शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है।प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता राशि अब तक प्रदेश को नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के लोगों को प्रदेशहित की बात करने के लिए परवाणू से नीचे भी जाना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता सोशल मीडिया तक सीमित हैं और प्रदेश के वास्तविक हितों के लिए केंद्र के समक्ष आवाज नहीं उठा रहे हैं।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रियंका गांधी वाड्रा के देउरी स्कूल पहुंचने के कार्यक्रम को लेकर भी जानकारी दी।उन्होंने कहा कि खराब मौसम के कारण प्रियंका गांधी मंडी नहीं पहुंच सकीं। उनका आज देउरी स्कूल जाकर बच्चों के साथ संवाद करने का कार्यक्रम था।मुख्यमंत्री ने बताया कि मंडी में आपदा के दौरान प्रियंका गांधी ने स्कूल के पुराने क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण किया था और उस समय स्कूल के नए भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई थी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रियंका गांधी का संदेश उनके राजनीतिक सलाहकार ने स्कूल में बच्चों के सामने पढ़कर सुनाया।अब अक्टूबर महीने में प्रियंका गांधी के दोबारा देउरी स्कूल पहुंचने का कार्यक्रम बनाया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौसम अनुकूल रहने पर वह स्वयं स्कूल पहुंचकर बच्चों से संवाद करेंगी।
वहीं,हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में रहे कैबिनेट विस्तार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ा संकेत दिया है।सुक्खू ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी हाईकमान के साथ पहले दौर की चर्चा पूरी हो चुकी है।दूसरे दौर की बातचीत के बाद आलाकमान की मंजूरी मिलते ही प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि इस संबंध में जल्द फैसला होने की संभावना है.अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के कैडर में कटौती को लेकर मुख्यमंत्री ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आईएएस,आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की आवश्यकता है,लेकिन अधिकारियों की संख्या एक सीमा के भीतर होनी चाहिए।आवश्यकता से अधिक अधिकारियों की तैनाती प्रदेश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालती है।इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अधिकारियों के कैडर में कटौती का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में जरूरत से अधिक अधिकारी होने के कारण सरकारी खर्च बढ़ रहा है।
विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर भी मुख्यमंत्री ने भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में कभी विधानसभा का दस दिन का सत्र नहीं बुलाया गया।सुक्खू ने कहा कि विपक्ष यदि सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग करता है तो सरकार इसके लिए तैयार है,लेकिन सदन में केवल हंगामा नहीं बल्कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक बहस होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि इस बार सत्ता पक्ष भी विपक्ष से सवाल पूछेगा।भाजपा अध्यक्ष की ओर से सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को लगातार नियुक्तियां दी जा रही हैं।उन्होंने जेबीटी,लेक्चरर,असिस्टेंट और स्टाफ नर्स सहित विभिन्न पदों पर हुई नियुक्तियों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से किए जा रहे व्यवस्था परिवर्तन का लाभ युवाओं को मिल रहा है,लेकिन भाजपा को यह बदलाव दिखाई नहीं देता।मुख्यमंत्री ने पेपर लीक के मुद्दे पर भी सरकार का रुख दोहराते हुए कहा कि उनकी सरकार में किसी भी तरह का पेपर लीक नहीं होने दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है.प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता राशि नहीं मिलने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश हित में परवाणू से नीचे भी जाना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता प्रदेशहित की बात करने के बजाय केवल सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।
सुक्खू ने दावा किया कि भाजपा मुख्यालय दीपकमल में करीब 50 लोगों की टीम सोशल मीडिया गतिविधियों के लिए लगाई गई है, जो उनकी सरकार और उनके खिलाफ दुष्प्रचार करती है।मुख्यमंत्री ने अपने पुराने जमीन सौदे को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे प्रचार पर भी प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा कि करीब 20 साल पहले उन्होंने हिमाचल में 14 लाख रुपये का एक प्लॉट खरीदा था,जिसकी कीमत समय के साथ बढ़कर करीब दो करोड़ रुपये हो गई।मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से इस मामले को भी गलत तरीके से प्रचारित किया गया।
