चंडीगढ़, 7 फरवरी-:हरियाणा में बुजुर्गों की पेंशन कटने और खेल नर्सरियों में खिलाड़ियों को उनके खुराक भत्ते नहीं मिलने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रदेश सरकार पर हमलावर रुख अपनाया है। आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि खेल नर्सरियों में करीब 37 हजार खिलाड़ी बिना उचित पोषण के प्रशिक्षण लेने को मजबूर हैं। इसके अलावा, लगभग 75 हजार बुजुर्गों की पेंशन गलत तरीके से बंद कर दी गई है।
ढांडा ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि ओलिंपिक, एशियन और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले कई खिलाड़ी हरियाणा की मिट्टी से आते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या मेहनत और मेडल की कीमत केवल चुनावी भाषणों और मंचों तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि खेल मंत्रालय की “आगे दौड़ पीछे छोड़” नीति के तहत सरकार पिछले 10 महीनों से खिलाड़ियों की डाइट भत्ता नहीं दे रही है। नर्सरियों में प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों को भी तनख्वाह नहीं मिली।
ढांडा ने यह भी बताया कि कई खेल नर्सरियां साल में दो महीने बंद कर दी जाती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या कोई खिलाड़ी दो महीने की छुट्टी काटकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सकता है।
बुजुर्गों की पेंशन पर बात करते हुए ढांडा ने कहा कि कई किसानों को उनकी फसल बिक्री के आधार पर संपन्न माना जा रहा है, जबकि इसमें उनकी लागत और परिवार की जरूरतें शामिल नहीं की जाती। इसके अलावा, पेंशन बंद करने के लिए परिवार की आय, नाम-सदन और उम्र के मिसमैच का हवाला दिया जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों और पोर्टल की गलतियों का बोझ बुजुर्गों को उठाना पड़ रहा है।
अनुराग ढांडा ने सरकार से मांग की है कि खिलाड़ियों के लिए 10 करोड़ रुपये का डाइट भत्ता जल्द जारी किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए और किसानों की फसल बिक्री को आय मानने की प्रथा बंद की जाए।ढांडा के अनुसार, सरकार को चाहिए कि वह खिलाड़ियों और बुजुर्गों की समस्याओं को गंभीरता से ले और उनकी जरूरतों को नजरअंदाज न करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आप इन मुद्दों को जोरशोर से उठाती रहेगी।
