जींद : जिले के गांव छातर और मांडी के सैकड़ों किसानों ने शनिवार को बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर आज उपायुक्त से मुलाकात की। उपायुक्त ने ग्रामीणों को जिला राजस्व अधिकारी से इस बारे में मिलने को कहा।
गांव में फसलें पूरी तरह से खराब !
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों ही गांव में फसलें पूरी तरह से खराब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि गांव छात्र में 10000 एकड़ का रकबा है जिसमें से 7000 एकड़ में गेहूं और 2000 एकड़ में सरसों की फसल खड़ी थी और बाकी 1000 एकड़ में बाकी सभी फसलें मिलाकर थी। इसी प्रकार मांडी गांव में 2200 एकड़ का रकबा है। जिसमें से 1800 एकड़ में गेहूं और 150 एकड़ में सरसों की फसल थी। बाकी रकबे में दूसरी फसलें खड़ी थी।

ओलावृष्टि के बाद गांव में किसी भी खेत में कुछ भी नहीं बचा !
ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में शनिवार को हुई ओलावृष्टि के बाद गांव में किसी भी खेत में कुछ भी नहीं बचा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार विशेष गिरदावरी करवाकर तुरंत मुआवजा प्रदान करे, ताकि वह अपने बच्चों का पेट पाल सकें, एंव पहले किसान उपायुक्त से मिले। उसके बाद किसानों ने DRO से मुलाकात की। DRO राजकुमार ने किसानों को आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्या से सरकार को अवगत करवाएंगे।

