हमीरपुर : अरविन्द सिंह ( TSN)- जम्मू कश्मीर के अखनूर क्षेत्र के टांडा में ड्यूटी पर तैनात अग्नि वीर निखिल डडवाल के मृ*त्यु को लेकर परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और सेना के अधिकारियों से गुहार लगाई है। निखिल का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया,जिसमें सैकड़ो की तादाद में लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
23 वर्षीय निखिल का श*व शुक्रवार शाम करीब 3:00 बजे हमीरपुर पहुंचा .श*व के पहुंचते ही शहर के वार्ड नंबर 11 में स्थित उनके घर पर मातम छा गया और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। सेना की गाड़ी के आगे युवा निखिल अमर रहे के नारे लगा रहे थे। जिला प्रशासन की ओर से डीसी अमरजीत सिंह और एसपी भगत ठाकुर भी उनके घर पर मौजूद थे। परिजनों का साफ कहना है कि उनका बेटा बहादुर था और वह कभी भी आ*त्मह*त्या नहीं कर सकता है. इस पूरी घटना के पीछे क्या कारण रहा है,इसकी सेवा पूरी निष्पक्ष जांच करें ताकि सच्चाई सामने आ सके ।
निखिल रक्षाबंधन पर छुट्टी लेकर घर आने वाला था :
निखिल के पिता दिलेर डडवाल का कहना था कि उनका बेटा बहुत बहादुर था और 16 जुलाई को भी उनके बेटे से बात हुई थी,तब ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा था.उसने अपनी कड़ी मेहनत से एन सी सी सी सर्टिफिकेट पूरा करने के बाद अग्निवीर ज्वाइन की थी, वह रक्षाबंधन पर भी छुट्टी लेकर घर आने वाला था, उसे सेवा में गए हुए 1 साल 9 महीने का समय हो चुका था। उन्होंने इच्छा जताई की सेना पूरा न्याय परिवार को देगी।निखिल के बड़े भाई अखिल का कहना है कि उनका भाई बहुत बहादुर था और उसकी भी घटना से एक दिन पहले ही भाई के साथ बात हुई थी,तब ऐसा कुछ भी उसकी बातों से गलत नजर नहीं आ रहा था भाई उसे हर बात शेयर करता था वह भाई और दोस्त दोनों थे।
