पंचकुला, 24 फरवरी-:IDFC First Bank के खिलाफ हरियाणा में 590 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पंचकूला विजिलेंस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई Haryana State Vigilance and Anti-Corruption Bureau (ACB) द्वारा की गई है।जांच एजेंसी ने बैंक अधिकारियों, कुछ पब्लिक सर्वेंट्स और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
लगाई गई प्रमुख धाराएं
मामले में BNS की धारा 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) और 318(4) (गंभीर धोखाधड़ी) शामिल की गई हैं।इसके अतिरिक्त, सरकारी धन के ट्रांसफर में कथित फर्जी दस्तावेजों के उपयोग को लेकर धारा 338 और 340(2) के तहत भी कार्रवाई की गई है।भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और BNS की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) भी एफआईआर में जोड़ी गई हैं।विजिलेंस विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सरकार का बयानइस मामले पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष Gyan Chand Gupta ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है और किसी भी प्रकार के घोटाले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि मामले में चाहे बैंक कर्मचारी हों, निजी व्यक्ति हों या सरकारी अधिकारी—दोषी पाए जाने पर सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों की मेहनत की कमाई की एक-एक पाई की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है और दोषियों से पूरी वसूली की जाएगी।फिलहाल जांच जारी है और आगामी कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
