मंडी, धर्मवीर ( TSN)-हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में चालक परिचालक की तीन बेटियों ने कमाल कर दिखाया है। इन बेटियों ने भारतीय सेना में नर्सिंग लफिटनेंट बनकर न केवल अपने-अपने क्षेत्र का मान बढ़ाया है, बल्कि जिला का नाम रोशन किया है। यह बेटियां मंडी जिला के सदर, पधर व सरकाघाट उपंडल से संबध रखती है।
एचआरटीसी चालक की बेटी हैं रक्षा कुमारी:
सरकाघाट उपमंडल के इलाका भदरोता के गांव भदरोही जमणी की 24 वर्षीय रक्षा कुमारी ने नर्सिंग लेफ्टिनेंट बनकर यह मुकाम हासिल किया है। रक्षा कुमारी की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। सेना की नर्सिंग सर्विसज में चयन होने के बाद रक्षा की पोस्टिंग 159 जीएच फिरोजपुर पंजाब में हुई है। आने वाली 16 सितंबर को रक्षा अपनी डयूटी ज्वाइन करेगी। रक्षा कुमारी ने दसवीं व 12वीं तक की शिक्षा इलाके के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जमणी से पूरी की है। इसके बाद रक्षा ने जोनल अस्पताल मंडी में जनरल नर्सिंग प्रशिक्षण स्कूल में जीएनएम का प्रशिक्षण लिया। जिसके बाद रक्षा ने बीएससी नर्सिंग सरस्वती नर्सिंग इंस्टीट्यूट ध्यानपुरा कुराली पंजाब से की है। इसके बाद रक्षा ने सेना में भर्ती के लिए परीक्षा दी जिसमें वह चयनित हो गई। उसने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने पिता बलवंत सिंह, माता सत्या देवी व परिजनों सहित अपने गुरुजनों को दिया है। रक्षा कुमारी के पिता एचआरटीसी के रोहड़ू डिपो में चालक है, वहीं माता गृहणी हैं। रक्षा देवी ने बताया कि उसे हर स्तर पर आगे बढ़ने के लिए पूरे परिवार ने उनका मनोबल बढ़ाया व मदद की है। तभी वह आज इस मुकाम पर पहुंच पाई हैं। इस मुकाम को हासिल करने के उपरांत अब वह सेना में अपनी उम्दा सेवाएं देने के लिए हर समय तत्पर रहेंगी।
बल्ह की प्रियंका के पिता एचआरटीसी में हैं परिचालक:
बल्ह उपमंडल के मंदिर टांड़ा निवासी प्रियंका के नर्सिंग लेफ्टिनेंट बनने पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। प्रियंका का चयन सेना में नर्सिंग लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ है,वे अब कर्नाटक राज्य के बेलगांम स्थित मिल्ट्री अस्पताल में बतौर नर्सिंग लेफ्टिनेंट अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी। प्रियंका ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा निजी स्कूल तथा जमा दो की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भंगरोटू और बीएससी नर्सिंग नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मैडिकल कालेज से उतीर्ण की है। प्रियंका के पिता अमरचंद हिमाचल पथ परिवहन निगम में परिचालक के पद पर कार्यरत हैं तथा माता दया देवी गृहणी हैं। बेटी की इस उपलब्धि पर माता-पिता और परिजन बेहद खुश हैं। प्रियंका ने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया, जिस कारण आज उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने सफलता का श्रेय माता-पिता तथा गुरुजनों को दिया है।
सदर की मीनाक्षी के पिता बीडियो ऑफिस में हैं चालकः
वहीं सदर उपमंडल की ग्राम पंचायत सदयाणा की मीनाक्षी ठाकुर का चयन भी सेना में नर्सिंग लेफ्टिनेंट पद पर हुआ है। 16 सितंबर को मीनाक्षी ठाकुर पुणे के आर्मी अस्पताल में अपनी सेवाएं देगी। केंद्रीय विद्यालय मंडी से 12वीं तक शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत जोनल अस्पताल मंडी से जीएनएम का कोर्स तथा अभिलाषी कॉलेज आफ नर्सिंग से पोस्ट बेसिक नर्सिंग की डिग्री हासिल की है। मीनाक्षी की माता सुनीता देवी ग्रहणी तथा पिता राजकुमार बीडियो आफिस द्रंग में बतौर चालक के पद पर कार्यरत हैं। मीनाक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता और गुरुजनों को दिया है।
