करनाल, 7 फरवरी-:करनाल जिले में धान खरीद, भंडारण और परिवहन से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद्य आपूर्ति विभाग, हैफेड और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई फर्जी गेट पास, स्टॉक रिकॉर्ड में हेराफेरी और तकनीकी जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर की गई है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपित अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से सरकारी खरीद प्रणाली का दुरुपयोग किया और सरकारी धन को भारी नुकसान पहुंचाया।
गिरफ्तार अधिकारी
देवेंद्र कुमार — इंस्पेक्टर, फूड सप्लाई विभाग, तरावड़ी
रणधीर सिंह — इंस्पेक्टर, फूड सप्लाई विभाग, इंद्री
प्रमोद कुमार — मैनेजर, हैफेड, असंध
दर्शन सिंह — मैनेजर, हैफेड, निसिंग
प्रदीप — टेक्निकल असिस्टेंट, वेयरहाउसिंग
कॉर्पोरेशन, इंद्री
जांच में क्या सामने आया?
SIT की जांच में खरीद से लेकर भंडारण और परिवहन तक की पूरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। दस्तावेजों, गेट पास एंट्री और डिजिटल डेटा के मिलान में भारी गड़बड़ी उजागर हुई है।
पुलिस की पुष्टि
करनाल की एसपी कांची सिंगला ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच गहराई से की जा रही है और पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घोटाले की कुल राशि कितनी है, यह कब से चल रहा था और इसमें किन अन्य अधिकारियों या एजेंसियों की भूमिका रही है।
