शिमला, 18 मार्च -: जयराम ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष ने बजट सत्र के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सदन के भीतर और बाहर भ्रामक एवं असत्य बयान देने का आरोप लगाते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को नियम 75 के तहत विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपा।
सत्र की शुरुआत से पहले ही विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी कर सरकार को घेरा। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से पारदर्शिता की अपेक्षा होती है, लेकिन वर्तमान सरकार इस कसौटी पर खरी नहीं उतर रही।
योजनाओं और आंकड़ों को लेकर उठाए सवाल
विपक्ष ने सरकार की कई योजनाओं पर सवाल खड़े किए, जिनमें प्रमुख रूप से महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की योजना शामिल है। विपक्ष के अनुसार घोषित लाभार्थियों और खर्च के आंकड़ों में बड़ा अंतर है, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर संदेह उत्पन्न होता है।
केंद्र की सहायता बनाम राज्य सरकार की कार्यप्रणाली
विपक्ष ने केंद्र सरकार द्वारा दी गई आर्थिक मदद का हवाला देते हुए कहा कि हाल के वर्षों में हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान के तहत बड़ी राशि मिली है। इसके बावजूद राज्य सरकार अपनी कमियों का दोष अन्य पर डाल रही है।जयराम ठाकुर ने अपनी पूर्व सरकार की योजनाओं और वर्तमान सरकार की योजनाओं की तुलना करते हुए दावा किया कि:
पिछली सरकार में लाखों लोगों को लाभ मिला और बजट भी बड़ा थावर्तमान सरकार की योजनाओं का बजट और लाभार्थी संख्या अपेक्षाकृत कम है
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई पुरानी योजनाओं के नाम बदलकर नई बताई जा रही हैं।
सरकार पर ‘प्रचार आधारित’ होने का आरोप
विपक्ष का कहना है कि वर्तमान सरकार ठोस नीतियों की बजाय प्रचार पर अधिक निर्भर है।जनमंच जैसी व्यवस्था को बंद करने और शिकायत निवारण प्रणाली कमजोर करने का भी आरोप लगाया गया।अब इस पूरे मामले में विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर आगे क्या कार्रवाई होगी।
