Delhi, 27 January-:मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर राज्य के वन और हरित आवरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।बैठक में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि हिमाचल प्रदेश में वास्तविक ट्री कवर 29.5 प्रतिशत है, जबकि आधिकारिक आंकड़े 27.99 प्रतिशत दर्ज हैं। यह अंतर वनों के बाहर पाए जाने वाले पेड़ों (ट्रीज आउटसाइट फॉरेस्ट) को समेकित गणना में शामिल न किए जाने के कारण उत्पन्न हुआ है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस 1.5 प्रतिशत को हरित आवरण में शामिल किया जाना चाहिए, जिससे राज्य के वास्तविक पारिस्थितिकी और वानिकी योगदान को उचित मान्यता मिल सके। उन्होंने बताया कि ट्रीज आउटसाइट फॉरेस्ट हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशील पारिस्थितिकी के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इसके अलावा, उन्होंने वित्त आयोग और केंद्र सरकार द्वारा किए जाने वाले आवंटन में भी 29.5 प्रतिशत वन और ट्री कवर को मान्यता देने का अनुरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटक को कम आंकने से हिमाचल के राष्ट्रीय पारिस्थितिकी योगदान को कमतर आंका जाता है और अन्य राज्यों के साथ असंतुलन उत्पन्न होता है।मुख्यमंत्री ने गैर-वन और निजी भूमि पर वन और हरित आवरण बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी भी केंद्रीय मंत्री को दी।केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल प्रदेश को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह भी उपस्थित रहे।
