शिमला,27 अप्रैल(TSN) — शिमला के पाहल गांव निवासी दुर्गा दत्त कश्यप ने सेवानिवृत्ति के बाद प्राकृतिक खेती में अद्भुत सफलता हासिल की है।हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड से उप-मंडलीय अधिकारी पद से 2015 में सेवानिवृत्त हुए कश्यप आज 116 प्रकार की खाद्य फसलें उगा रहे हैं, जिससे उनकी घरेलू आवश्यकताएं पूरी हो जाती हैं और बाजार पर निर्भरता खत्म हो गई है।
पत्थरों से भरी अपनी पुश्तैनी जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए उन्होंने प्राकृतिक विधियों का सहारा लिया।उनके खेतों में अब सेब,आम,कीवी से लेकर अनाज,दालें और औषधीय पौधे तक लहलहा रहे हैं। कश्यप भविष्य में सफेद चंदन का बागान भी विकसित कर रहे हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 10 करोड़ रुपये होगी।
सरकारी योजनाओं से मिली सहायता और मनरेगा के तहत भूमि विकास ने उनके सपने को पंख दिए। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें जिला स्तरीय किसान मेले में सम्मानित भी किया गया है।कश्यप चाहते हैं कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य में प्रेरणा सम्मेलन आयोजित हों, ताकि और किसान रसायनमुक्त खेती की ओर बढ़ सकें।
